जयपुर। राजस्थान पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन शिकंजा के तहत करौली जिले में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की गई है।
करौली पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल के निर्देशन में यह विशेष धरपकड़ अभियान संचालित किया गया। जिला स्तर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुमनाराम एवं सतेन्द्रपाल सिंह द्वारा सुपरविजन किया गया। पुलिस ने कैला देवी थाना क्षेत्र के धौरेरा हार में छापेमारी कर 6067 किलोग्राम अवैध अफीम के हरे पौधे बरामद कर दो जनों को गिरफ्तार किया हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन पौधों की कीमत करीब 2 करोड़ रुपये आंकी गई है।
एसपी सोनवाल ने बताया कि तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए एक शातिर तरीका अपनाया था। आरोपियों ने अपने खेतों में ऊँची और घनी सरसों की फसल बोई थी और उसके ठीक बीचों-बीच अफीम की अवैध खेती कर रखी थी ताकि किसी को शक न हो। मुखबिर की सटीक सूचना पर जब पुलिस टीम ने खेतों के भीतर प्रवेश किया, तो वहां अफीम के पौधों का जखीरा देखकर दंग रह गई।
कैलादेवी थानाधिकारी राम अवतार मीना के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने मौके से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी चौरसिंह मीना (37) के खेत से 2955.400 किलो और मनकेश उर्फ पिन्टू मीना (32) के खेत से 3112.400 किलो अफीम के पौधे बरामद हुए। पुलिस ने कुल 285 प्लास्टिक के कट्टों में इन पौधों को भरकर जब्त किया है। घटना में शामिल एक अन्य आरोपी घनश्याम उर्फ घासू मीना की तलाश जारी है।
इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने नए क्रिमिनल लॉ का पालन करते हुए ई-साक्ष्य ऐप का उपयोग किया। सर्च और जब्ती की पूरी वीडियोग्राफी क्लाउड पर अपलोड की गई ताकि साक्ष्यों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो सके। मौके पर नायब तहसीलदार मुनीराम मीना और हल्का पटवारी को बुलाकर राजस्व रिकॉर्ड की पुष्टि भी की गई।
इस कार्रवाई करने वाली टीम में एएसआई विभीषण सहित हैड कांस्टेबल सतीश चन्द, कांस्टेबल शिवसिंह, गोविन्द, ओमप्रकाश, मुरारी लाल, गुमान सिंह, विनोद व हनेश शामिल थे। मामले की गहराई से जांच के लिए तफ्तीश सपोटरा थानाधिकारी अबजीत कुमार को सौंपी गई है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इन पौधों से अफीम निकालकर कहां सप्लाई की जानी थी और इस नेटवर्क के पीछे और कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं।




















