जयपुर। नववर्ष 2026 के प्रथम पुष्य नक्षत्र में छोटीकाशी के सभी गणेश मंदिरों में प्रथम पूज्य गणपति का पंचामृत अभिषेक किया गया। जयपुर के रक्षपाल गढ़ गणेश मंदिर में महंत प्रदीप औदीच्य के सान्निध्य में बाल रूप पुरुषाकृति गणपति का वेद मंत्रों के साथ पंचामृत अभिषेक किया गया। नवीन पोशाक धारण कराकर मोदक का भोग लगाया गया।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु 365 सीढिय़ां चढक़र गणेश जी के दर्शन करने गढ़ गणेश मंदिर पहुंचे। मोतीडूंगरी स्थित भगवान गणेश जी महाराज का महंत कैलाश शर्मा के सान्निध्य में201 किलो पंचामृत से अभिषेक किया गया। सर्वप्रथम भगवान का गंगाजल से शुद्ध स्नान कराया गया। केवड़ा जल एवं गुलाब जल से अभिषेक के बाद 151 किलो दूध, 21 किलो दही, सवा पांच किलो घी, 21 किलो बूरा, शहद से तैयार पंचामृत अभिषेक किया गया।
केवड़ा जल, गुलाब जल, केवड़ा इत्र एवं गुलाब इत्र से भी अभिषेक किया गया। पंचामृत अभिषेक के बाद पुन: गंगाजल से शुद्ध स्नान कराया गया। भगवान श्री गणेश जी महाराज को नवीन पोशाक धारण कर गणपति सहस्त्रनाम के पाठ के साथ 1008 मोदक अर्पित किए गए और फूल बंगला झांकी सजाई गई। गणेश जी महाराज को खीर का विशेष भोग अर्पित किया गया। श्रद्धालुओं को रक्षा सूत्र निशुल्क वितरित किए गए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
इन मंदिरों में भी हुआ पुष्य अभिषेक
सूरजपोल बाजार स्थित श्वेत सिद्धि विनायक गणेश जी मंदिर में गणेश जी का वेद मंत्रों के बीच दुग्धाभिषेक किया गया। मंदिर महंत नलिन शर्मा के सान्निध्य में महालक्ष्मी की प्राप्ति के लिए हवन किया गया। इसके बाद मूंग के लड्डुओं का भोग लगाकर भक्तों को प्रसाद बांटा गया। वहीं चांदपोल परकोटा गणेश मंदिर, गलता गेट स्थित गीता गायत्री गणेश मंदिर, बड़ी चौपड़ स्थित ध्वजाधीश गणेशजी, दिल्ली रोड स्थित आत्माराम गणेश मंदिर, खिरणी फाटक स्थित गणेश मंदिर, चौड़ा रास्ता के काले गणेश मंदिर में भी वर्ष के प्रथम पुष्य नक्षत्र में पुष्य अभिषेक हुआ।



















