हाथी पर सवार होकर आई मां दुर्गा , ऐसे करें घट स्थापना

जयपुर। ज्योतिष शास्त्र और पंचांग के अनुसार आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शारदीय नवरात्रों की शुरुआत होती हैं। इस बार शारदीय नवरात्रि 15 अक्टूबर से शुरू हो रहे हैं, जो 24 अक्टूबर तक रहेंगे। नवरात्रि के दिनों में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा होती हैं। आचार्य गौरी शंकर शर्मा बोरखेड़ा ने बताया कि 30 सालों के बाद शनि देव कुंभ राशि में, बुध और सूर्य कन्या राशि में होने से बुधादित्य योग बनेगा। बुध के कन्या राशि में रहने से भद्र राजयोग भी रहेगा। इस दिन चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग रहेगा और मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आएगी।

शारदीय नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि रविवार 15 अक्टूबर को घट स्थापना का मुहूर्त प्रातः 09:16 मिनट से दोपहर 12: 33 मिनट तक | अभिजीत में 15 अक्टूबर को 11:47 मिनट से दोपहर 12:33 तक हैं |

ऐसे करें घट स्थापना –

नवरात्र के पहले दिन शुभ मुहूर्त में कलश रखें। प्रातः काल स्नान के बाद लाल वस्त्र पहनकर कलश स्थापना के लिए एक मिट्‌टी के पात्र में पवित्र मिट्‌टी रखें और उसमें जौ बोएं , ईशान कोण में कलश रखे। पूजा की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर उस पर माता की तस्वीर रख कर, एक तांबे के कलश में गंगा जल भरें और उसमें सिक्का,अक्षत, सुपारी, लौंग,दूर्वा डाले। कलश के मुख पर मौली बांधें। एक नारियल पर लाल चुनरी को मौली से बांध दें। कलश में आम के पत्ते लगायें उसपर नारियल रखें। जौ और कलश को माता की फोटो के दायीं तरफ रखें। कलश स्थापना करने के बाद माता की पूजा करें और आरती करने के बाद अभिनंदन करके क्षमा याचना करें।

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