जयपुर। राधा अष्टमी का पर्व हिंदू धर्म में अत्यंत पावन और श्रद्धा से रविवार को मनाया जाएगा । यह दिन भगवान श्रीकृष्ण की अनन्य भक्त और प्रेम स्वरूपा श्री राधा रानी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता हैं। खासकर राधा अष्टमी का पर्व ब्रजभूमि,मथुरा और वृंदावन जैसे तीर्थ स्थलों पर इस दिन विशेष उत्सव और झांकियों के साथ आयोजित होता हैं। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं, कीर्तन-भजन करते हैं और राधा रानी की विधिपूर्वक पूजा कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
पंडित बनवारी लाल शर्मा ने बताया कि इस दिन व्रत रखने से जीवन में प्रेम, सौहार्द और सुख-शांति का वास होता हैं। राधाष्टमी का पर्व भाद्रपद शुक्ल अष्टमी 31 अगस्त (रविवार) को मध्यान्ह काल अभिजीत मुहूर्त पूजन के लिए श्रेष्ठ हैं क्योंकि इसी समय राधारानी प्रकट हुई थीं । इस बार राधाष्टमी पर सिंह राशि में बुध और सूर्य के होने से बुधादित्य योग और सिंह राशि में ही केतु,सूर्य और बुध के होने से त्रिग्रही योग का भी रहेगा । राधा अष्टमी की पूजा अर्चना करने से भक्तों के घर में सुख शांति बनी रहती हैं।