जयपुर। राजस्थान की मरुभूमि अब आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां से महकेगी। इस दिशा में राजस्थान सरकार ने कार्य करना शुरू कर दिया हैं और विलायती बबूल को समूल नष्ट कर उसी स्थान पर आयुर्वेदिक गुण वाले वृक्षों को उगाने का काम अब भारत जोड़ो मिशन सोसाइटी के द्वारा किया जा रहा हैं।
भारत जोड़ो मिशन सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष अनीष कुमार नाडार ने बताया कि इस दिशा में पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर ने विलायती बबूल को समूल नष्ट करने के आदेश दिए। लेकिन इस आदेश में और अधिक मजबूती प्रदान करते हुए विलायती बबूल को जड़ समेत उखाड़ कर उसी स्थान पर आयुर्वेद गुण वाले वृक्षों को लगाने का कार्य भारत जोड़ो मिशन सोसाइटी ने शुरू किया हैं।
नाडार ने बताया कि विलायती बबूल को हटाने का आदेश हर वर्ष आते हैं,लेकिन निचले स्तर पर विकास अधिकारी तथा ग्राम सचिव कोयला माफिया से सांटगांट कर मुफ्त में विलायती बबूल के वृक्ष काटने की अनुमति देते हैं। जिसके चलते कोयला माफिया कोयले में प्रयुक्त होने वाली लड़कियों को ऊपर से तो काट लेते हैं ।
लेकिन जड़ों को छोड़ देते हैं जिससे एक-दो वर्ष बाद फिर से इस स्थान पर विलायती बबूल के जंगल उगते हैं। भारत जोड़ो मिशन सोसाइटी के हजारों कार्यकर्ता अब प्रभावी रूप से उन्मूलन कर उसी स्थान पर नए वृक्ष लगाने की योजना द्वारा भारतीय संस्कृति को पुनर्जीवित करते हुए आयुर्वेद वन की कल्पना को साकार करने में जुट गया है।
इस दिशा में जिला प्रशासन ने भारत जोड़ो मिशन सोसाइटी कि इस योजना के साथ कार्य करने के आदेश जिले के सभी ग्राम सचिवों को दिए हैं। नाडार ने बताया कि वर्तमान में कोयला माफिया अवैध रूप से भट्टियां चला कर प्रदूषण को भी बढ़ावा दे रहे हैं। वहीं चोरी छुपे विलायती बबूल के स्थान पर अन्य वृक्ष भी काटे जा रहे हैं जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है।
भारत जोड़ो मिशन सोसाइटी ने इससे पूर्व भी कंई सफल अभियान चलाए हैं ऐसे में अगर यह अभियान भी सफल हो जाता है तो राजस्थान की मरुभूमि आयुर्वेदिक गुण वाले वर्षों से महक उठेगी।
जातव्य रहे कि प्रधानमंत्री मोदी के संकल्पों का भारत बनाने के लिए भारत जोड़ो मिशन सोसाइटी घुमंतु अर्ध घुमंतु तथा विमुक्त जाति समाज के उत्थान को शामिल करते हुए उन्हें आर्थिक स्वावलंबी बनाने की दिशा में इस कार्य को अंजाम दे रहा है जो सराहनीय है।




















