नकल और फर्जीवाड़ा करने वाले 338 अभ्यर्थियों पर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने लगाया प्रतिबंध

जयपुर। प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल और फर्जीवाड़ा करने वालों लेकर अब राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की सख्त होता जा रहा है। इसी क्रम में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने ऐसे मामलों में शामिल 338 अभ्यर्थियों पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया है। इसके बाद यह अभ्यर्थी राजस्थान में होने वाली किसी भी सरकारी भर्ती परीक्षा में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। इनमें से किसी को भी प्रदेश के किसी सरकारी विभाग में नौकरी नहीं मिलेगी।

उधर, बोर्ड ने विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में फर्जी स्पोट्‌र्स सर्टिफिकेट जमा करने वाले 14 अभ्यर्थियों की लिस्ट भी जारी की है। इनको बोर्ड ने 29 अप्रैल तक अपना पक्ष रखने का मौका दिया है। अगर बोर्ड को 29 अप्रैल तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो बोर्ड इन अभ्यर्थियों पर भी प्रतिबंध लगाने के साथ कानूनी कार्रवाई करेगा।

बोर्ड की पिछले दिनों आयोजित भर्ती परीक्षा में इन 338 अभ्यर्थियों के नकल और फर्जीवाड़ा करने की शिकायतें सामने आई थीं। इनमें सबसे ज्यादा 240 अभ्यर्थियों पर फर्जी डिग्री जमा करने का आरोप है, जबकि 92 अभ्यर्थियों पर गलत तरीके से परीक्षा पास करने और 6 अभ्यर्थियों पर डमी कैंडिडेट बैठाने का आरोप है। इसकी जांच के बाद कर्मचारी चयन बोर्ड ने बड़ा एक्शन लेते हुए सभी 338 अभ्यर्थियों पर कार्रवाई की और आजीवन प्रतिबंध लगा दिया।

राजस्थान सरकार की ओर से आयोजित पीटीआई भर्ती परीक्षा 2018, लैब असिस्टेंट भर्ती परीक्षा 2018, एग्रीकल्चर सुपरवाइजर 2018, आरपीएससी सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा 2022, ग्रेड थर्ड टीचर, एलडीसी, पटवारी समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के हैं। पिछले एक साल में एक हजार से अधिक अभ्यर्थियों को बोर्ड इस तरह बैन लगा चुका है।

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के चेयरमैन आलोक राज ने बताया कि प्रतिबंधित इन सभी अभ्यर्थियों ने नकल और फर्जीवाड़ा किया था। बोर्ड ने इन सबके खिलाफ जांच की। इसमें ये सभी अभ्यर्थी दोषी पाए गए हैं।

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