रोडवेज में शोषण के खिलाफ रोडवेज कर्मचारियों का हल्लाबोल

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Roadways employees protest against exploitation in roadways
Roadways employees protest against exploitation in roadways

जयपुर। राजस्थान स्टेट रोडवेज एंप्लाइज यूनियन (एटक) के आह्वान पर सोमवार को प्रदेशभर में रोडवेज कर्मचारियों ने अपनी ज्वलंत मांगों और विभाग में व्याप्त कथित उत्पीड़न के विरोध में दो दिवसीय राज्यव्यापी धरना शुरू कर दिया है। राजधानी जयपुर सहित प्रदेश की सभी केंद्रीय कार्यशालाओं और आगार इकाइयों पर बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने लामबंद होकर प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहेगा।

यूनियन की विभिन्न शाखाओं ने मुख्य प्रबंधकों के माध्यम से रोडवेज प्रबंध निदेशक को 8 सूत्रीय मांग पत्र भिजवाया है। जयपुर में आयोजित संयुक्त धरने को प्रदेश अध्यक्ष एम.एल. यादव, महासचिव धर्मवीर चौधरी और उपमहासचिव संजय चौधरी सहित अन्य श्रमिक नेताओं ने संबोधित करते हुए कर्मचारियों के हितों की रक्षा का संकल्प दोहराया।

एम.एल. यादव ने बताया कि आंदोलन की मुख्य मांग में एक मांग यह थी कि यात्रियों की सुगम यात्रा के लिए 2500 नई बसों की खरीद की जाए और खाली पड़े 12 हजार से अधिक पदों पर तुरंत भर्ती प्रक्रिया शुरू हो। साथ ही आर्टिजन ग्रेड प्रथम की मूल ग्रेड पे 2400 रुपये से बढ़ाकर 2800 रुपये की जाए।

इसके अलावा चालकों-परिचालकों से नियमों के विरुद्ध ली जा रही 12 से 15 घंटे की ड्यूटी बंद कर ‘क्रू चेंज’ व्यवस्था लागू की जाए और गत तीन महीनों से रोके गए वेतन का तुरंत भुगतान किया जाए। साथ ही स्थायी आदेश, 1965 से शासित महिला कर्मचारियों को भी ‘चाइल्ड केयर लीव’ (संतान देखभाल अवकाश) की सुविधा मिले।

धरने में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया। यूनियन ने जून 2025 से जनवरी 2026 तक सेवानिवृत्त हुए कार्मिकों के परिलाभों का अविलंब भुगतान करने और 70 से 75 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके पेंशनर्स को अतिरिक्त भत्ता देने की मांग की है।

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