जयपुर। मानसरोवर के कृष्णा सर्किल नारायण विहार, आर ब्लॉक में आयोजित में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव में भक्तों ने भगवान कृष्ण का जन्म उत्सव एवं नंदोत्सव धूमधाम से मनाया। आयोजन से जुड़े नरेश अग्रवाल के अनुसार कथा में मुख्य प्रसंग के दौरान कथा व्यास पंडित मुरारी लाल महाराज ने भगवान कृष्ण के जन्म की संगीतमय कथा सुनाई और अनेक भजनों पर भक्तों को भवसागर से पार कराने वाली श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव पर विशेष रूप से बताया।
कृष्ण जन्म की कथा के बाद नंदोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर कथा स्थल को बांदरवालों, फूल मालाओं, रंग बिरंगी लाइटों, मनभावक पन्नियों, गुब्बारों से सजाया गया। आयोजन में गणेश चौधरी, भंवरजी, नरेश अग्रवाल, राजेश कुमावत, प्रमोद अग्रवाल, दीपक गुप्ता और दिनेश चौधरी ने भक्तों पर खूब फूल बरसाकर जोरदार स्वागत किया।
कथा महोत्सव के दौरान प्रवचन करते हुए कथा व्यास पं. मुरारी लाल महाराज ने भक्तों को बताया कि मद्भागवत कथा में नंदोत्सव का विशेष महत्व है। यह उत्सव भगवान कृष्ण के जन्म के बाद नंदगांव में होने वाले आनंद और उत्सव का प्रतीक माना जाता है।
कथावाचक ने भगवान कृष्ण के जन्म की कथा सुनाई, जिसमें देवकी और वासुदेव के कारागार में जन्म लेने और फिर नंद बाबा के घर में पालन-पोषण होने का विशेष वर्णन किया गया।
जैसे ही कृष्ण जन्म की कथा सुनाई गई, कथा स्थल भक्तिमय वातावरण से भर गया। भक्तों ने भाव विभोर हो आयोजन स्थल को भगवान कृष्ण के जयकारों से गूंजायमान कर दिया।
नन्दोत्सव के दौरान नंद के आंनद भयों- जय कन्हैया लाल की, हाथी घोड़ा पालकी आदि के उद्घोष से कथा स्थल गुंजायमान हो गया। इस दौरान महिलाओं ने खूब बधाई गीत गाए और श्रद्धालुओं ने जमकर फल, टांफिया, खिलौने, मेवे आदि की उछाल लूटी।
नन्दोत्सव से पूर्व भगवान वामन अवतार, राम जन्मोत्सव, समुद्र मंथन सहित अन्य लीलाओं का विस्तृत वृतांत व्यासपीठ से महाराज श्री ने उपस्थितजनों को सुनाकर भाव-विभोर किया। कथा महोत्सव में शनिवार को दोपहर 2:00 बजे से 6:00 तक रुक्मणी विवाह महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा।