जयपुर। शुक संप्रदाय प्रवर्तक आचार्य महामुनीन्द्र भगवान शुकदेव जी महाराज की जयंती के उपलक्ष्य में गुरुवार को सुभाष चौक दरीबा पान स्थित आचार्य पीठ श्री सरस निकुंज में श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। श्री शुक संप्रदाय पीठाचार्य अलबेली माधुरी शरण महाराज के सान्निध्य मेंं वेद मंत्रोच्चार के साथ व्यास पूजन और वृंदा पूजन किया गया।
श्रीधाम वृंदावन के सुप्रसिद्ध भागवताचार्य मदन मोहन दास महाराज ने व्यासपीठ से कथा का रसपान कराते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत भगवान का वाड्ंमय स्वरूप है। जिस तरह फूलों का सार शहद, दूध का सार घृत है उसी तरह ग्रंथों का सार श्रीमद्भागवत है। जो भागवत में है वहीं ग्रंथों में हैं जो भागवत में नहीं है वह कहीं नहीं है।
श्री सरस परिकर के प्रवक्ता प्रवीण बड़े भैया ने कथा के प्रथम दिवस पर पधारे संतों-महंतों और गणमान्य लोगों का दुपट्टा पहनाकर आदर सत्कार किया। उन्होंने बताया कि कथा 16 अप्रेल तक प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से शाम 7 बजे तक होगी। कथा के दौरान देश-प्रदेश के संतों का सान्निध्य प्राप्त होगा।




















