जयपुर। लोक पर्व सिंजारा शनिवार को पारम्परिक उल्लास के साथ मनाया गया। रिमझिम बारिश ने सिंजारे को और अधिक खुशनुमा बना दिया। हरियाली तीज से एक दिन पूर्व महिलाओं ने सिंजारे पर हाथों पर मेहंदी रचाई और श्रृंगार किया। ब्यूटीपार्लर में नव निवाहिताओं ने रूप निखारा। मॉल के बाहर देर शाम तक मेहंदी लगवाने वाली महिलाओं की भीड़ रही। विवाहित महिलाओं ने पीहर से आई लहरिया साड़ी पहनी।
सगाई हो चुकी युवतियों के ससुराल से लहरिया की साड़ी, घेवर, सुहाग का सामान आया। महिलाएं अपने ससुराल से उपहार में आई लहरिया साड़ी, आभूषण, शृंगार का सामान, मेहंदी और घेवर आदि को लेकर उत्साहित नजर आई। नवविवाहित और सगाई हो चुकी युवतियों के यहां ससुराल पक्ष की ओर से सिंजारा भिजवाया गया।
ससुराल से आई लहरिया साड़ी पहनकर नव विवाहिताएं रविवार को हरियाली तीज पर मां गौरी का पूजन करेंगी। सुहागिन महिलाएं व्रत रखकर पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए कामना करेंगी। लहरिया साड़ी -सूट पहने विभिन्न जगहों पर महिला झूला -झूलती हुई नजर आई।
कई स्थानों पर सामूहिक रूप से सिंजारा महोत्सव मनाया गया। इस दौरान हर उम्र की महिलाओं ने सोलह शृंगार कर सावन से जुड़े लोक गीतों पर नृत्य किया। महिलाओं ने हाथों पर मेहंदी लगाई। लहरिया पहनकर भगवान शिव और पार्वती की पूजा अर्चना कर अखंड सुख-सौभाग्य का आशीर्वाद मांगा। इस दौरान नृत्य-गीत, कैटवॉक और सोलह शृंगार प्रतियोगिताएं भी हुईं। विजेताओं को गिफ्ट दिए गए।



















