तीन फीट पानी में धरना: सड़क पर चलाई सांकेतिक नाव

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Sit-in protest in three feet of water: Symbolic boat rowed on the road.
Sit-in protest in three feet of water: Symbolic boat rowed on the road.

जयपुर। राजधानी में मानसून की बारिश ने एक बार फिर जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के निवारू रोड पर रविवार को बारिश के बाद सड़कें जलमग्न हो गईं। कई जगह करीब तीन फीट तक पानी और गहरे गड्ढों के कारण राहगीरों की परेशानी बढ़ गई। लंबे समय से जलभराव और ड्रेनेज की समस्या से परेशान स्थानीय लोगों ने सड़क पर ही धरना देकर विरोध जताया। प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए प्रदर्शनकारियों ने जलभराव वाली सड़क पर सांकेतिक नाव भी चलाई।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम बारिश के बावजूद सड़क पर इतना पानी भर गया कि कई जगह सड़क और गड्ढों के बीच अंतर तक दिखाई नहीं दे रहा था। इससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के हादसे का खतरा बना रहा। जलभराव के कारण क्षेत्र में आवाजाही भी प्रभावित हुई।

25 साल से ड्रेनेज-सीवरेज की समस्या

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि झोटवाड़ा क्षेत्र में करीब 25 वर्षों से ड्रेनेज और सीवरेज की समस्या बनी हुई है। बारिश होते ही सड़कें पानी में डूब जाती हैं और गंदा पानी रास्तों के साथ कई बार घरों तक पहुंच जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

एक माह पहले बनी सड़क भी पानी में डूबी

निवासियों ने बताया कि क्षेत्र में करीब एक माह पहले ही नई सड़क बनाई गई थी, लेकिन बारिश के बाद सड़क पर पानी जमा होने और गड्ढे होने से इसकी स्थिति भी खराब हो गई। लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण के साथ जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई। ऐसे में नई सड़क बनने के बावजूद बारिश के दौरान समस्या पहले जैसी ही बनी हुई है।

181 पर शिकायत, फिर भी समाधान नहीं

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि उन्होंने प्रशासन की शिकायत व्यवस्था के तहत 181 पर भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन इसके बावजूद मौके पर समस्या का समाधान नहीं हुआ। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि यदि शिकायत दर्ज कराने के बाद भी कार्रवाई नहीं होती तो आम नागरिक अपनी समस्या आखिर किसके सामने रखे।

सांसद-विधायक के खिलाफ भी जताया रोष

जलभराव से परेशान लोगों में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के प्रति भी नाराजगी दिखाई दी। प्रदर्शनकारियों ने झोटवाड़ा विधायक और जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र के खिलाफ रोष जताते हुए आरोप लगाया कि सांसद, विधायक और मंत्री क्षेत्र की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं हैं। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले करीब 25 वर्षों से विकास कार्यों की स्थिति संतोषजनक नहीं रही है।

स्थानीय निवासियों ने मांग की कि जनप्रतिनिधि जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) और संबंधित विभागों से समन्वय कर क्षेत्र की ड्रेनेज और सीवरेज समस्या का स्थायी समाधान करवाएं।

सड़क पर नाव चलाकर प्रशासन पर तंज

प्रदर्शन के दौरान लोगों ने जलभराव वाली सड़क पर सांकेतिक नाव चलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बारिश के दिनों में सड़क की स्थिति ऐसी हो जाती है कि पैदल चलना तो दूर, वाहनों से निकलना भी मुश्किल हो जाता है। नाव चलाकर उन्होंने प्रशासन को यह संदेश देने का प्रयास किया कि यदि जल निकासी की व्यवस्था नहीं सुधरी तो सड़कें आवागमन के बजाय जलमार्ग में तब्दील हो जाएंगी।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि यदि बारिश के बाद इसी तरह सड़कों पर पानी भरता रहा तो बीएमडब्ल्यू कारों की जगह अब नावों का इंतजाम करना पड़ेगा। लोगों ने कहा कि सरकार और प्रशासन को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे बारिश के दौरान आम लोगों को घर और कामकाज तक पहुंचने में परेशानी नहीं हो।

नियमन के वर्षों बाद भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव

स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र के नियमन हुए करीब 10 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अब तक सड़क, सीवरेज और ड्रेनेज जैसी मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह विकसित नहीं हो सकी हैं। बारिश के दौरान गंदा पानी सड़कों पर जमा हो जाता है और समस्या गंभीर हो जाती है।

लोगों का कहना है कि शहर के विस्तार और नई कॉलोनियों के विकास के साथ जल निकासी की व्यवस्था पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए था। केवल सड़क निर्माण से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। इसके लिए बारिश के पानी की निकासी का प्रभावी और समुचित ड्रेनेज नेटवर्क विकसित करना जरूरी है।

बोले प्रदर्शनकारी—अब बर्दाश्त की सीमा पार

जलभराव के बीच धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि वे वर्षों से समस्या झेल रहे हैं और अब बर्दाश्त की सीमा पार हो चुकी है। उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति देखने तथा स्थायी समाधान कराने की मांग की।

निवारू रोड पर हुए इस प्रदर्शन ने मानसून के दौरान जयपुर की जल निकासी व्यवस्था और नई विकसित हो रही कॉलोनियों में ड्रेनेज नेटवर्क की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग क्षेत्र का सर्वे कर जल निकासी की ठोस योजना तैयार करें और स्थायी समाधान सुनिश्चित करें, ताकि हर बारिश में लोगों को जलभराव के खिलाफ सड़क पर उतरकर प्रदर्शन नहीं करना पड़े।

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