राजस्थान नर्सिंग कौंसिल की पहलः चार सौ नर्सिंग संस्थानों के साठ हजार नर्सेज ने किया सूर्य नमस्कार

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Sixty thousand nurses did Surya Namaskar
Sixty thousand nurses did Surya Namaskar

जयपुर। सूर्य नमस्कार का विरोध करने वालों को सोचना होगा कि सूर्य के बिना पृथ्वी पर जीवन की कल्पना ही नहीं की जा सकती है। सूर्य नमस्कार नियमित दिनचर्या को बेहतर बनाने का एक तरीका है। यह बात गुरुवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति समारोह समिति के सचिव प्रताप भानु सिंह शेखावत ने राजस्थान नर्सिंग कौंसिल की ओर से सूर्य सप्तमी के मौके पर जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय सूर्य नमस्कार के मुख्य समारोह मुख्य अतिथि के रूप में कही।

उन्होंने कहा कि एक शोध में यह साबित भी हो चुका है कि यदि सूर्य 18 घंटे के लिए अपना कार्य करना बंद कर दे तो पूरी पृथ्वी एक बर्फ के गोले में बदल सकती है। सूर्य सप्तमी के दिन सूर्य की पहली किरण पृथ्वी पर गिरी थी। इस दिन सूर्य की धूप में बैठने से मनुष्य का तन-मन शुद्ध होने के साथ-साथ शरीर को कई प्रकार के रोगों से मुक्ति मिलती है। कार्यक्रम आयोजक राजस्थान नर्सिंग कौंसिल के रजिस्ट्रार डॉ. शशिकांत शर्मा ने बताया कि सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर दीनदयाल उपाध्याय स्मृति समारोह समिति के सचिव प्रताप भानु सिंह शेखावत ने नर्सिंग विद्यार्थियों को सूर्य नमस्कार के फायदे बताते हुए नियमित दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प भी दिलाया। जबकि समारोह में मुख्य वक्ता के तौर पर शिरकत करते हुए सह संघ चालक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जयपुर प्रान्त हेमंत सेठिया एवं प्रतापभानु सिंह शेखावत ने मां भारती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का आगाज किया। कार्यक्रम में ढाई हजार नर्सेज ने शिरकत की। जबकि प्रदेशभर में हुए आयोजनों में लगभग साठ हजार नर्सेज ने नूतन ऊर्जा के साथ सूर्य नमस्कार में भाग लिया।

आत्म अनुशासन के साथ आगे बढ़ेः सह संघ चालक हेमन्त सेठिया

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर शिरकत करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जयपुर प्रांत के सह संघ चालक हेमन्त सेठिया ने नर्सिंग विद्यार्थियों को आत्म अनुशासन के दम पर आगे बढ़ने की सीख दी। सेठिया ने कहा कि बडे-बड़े बोल बोलने से भारत विकसित भारत नहीं बन सकता बल्कि अपने आप की दैनिक दिनचर्या की आदतों में सुधार करने से ही विकसित भारत बन सकता है। उन्होनें दैनिक जीवन में ईमानदारी, अनुशासन व नेक इरादों पर जोर देते हुए कहा कि हम कानून की पालना करें, अपव्यय से बचें, एक-दूसरे की मदद करें, अपना कार्य निष्ठा एवं ईमानदारी से करें तो हम राष्ट्र निर्माण में सहायक सिद्ध होंगे।

संस्कृति संरक्षण जरूरीः डॉ शर्मा

कार्यक्रम के मुख्य आयोजक राजस्थान नर्सिंग कौंसिल के रजिस्ट्रार डॉ. शशिकांत शर्मा ने कहा कि कौंसिल की तरफ से अब तक शिक्षा में काफी नवाचार किए गए है। उन्होंने कहा कि अब संस्कृति संरक्षण की दिशा में भी कदमताल की है। उन्होंने नवाचारों को लेकर कहा कि राजस्थान नर्सिंग कौंसिल की ओर से नर्सिंग सेवा के क्षेत्र में शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य गतिविधयों में सुधार लाने के लिए निरन्तर वर्कशॉप, कान्फ्रेंस, स्वास्थ्य मेला, मैराथन दौड़ आदि का आयोजन किया जा रहा है। अब एक विकसित, मजबूत राष्ट्र निर्माण को लेकर युवाओं के अच्छे चरित्र निर्माण, संस्कार एवं विचारधारा पर भी कौंसिल निरन्तर प्रयासरत है। इस विचारधारा को आगे बढ़ाने को लेकर नर्सिंगकर्मियों एवं नर्सिंग छात्र-छात्राओं की अलग से कार्यशाला आयोजित कर उनकों स्वयं को स्वस्थ रखते हुए पीड़ित मानव की सेवा के लिए प्रेरित किया जाता है। देश के प्रधानमंत्री एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री की ओर से स्वस्थ समाज – मजबूत राष्ट्र निर्माण में चलाई जा रही लोकजनकल्याणकारी योजनाओं में नर्सेज सदैव अपनी भागदारी निभाएंगे। राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों को लेकर उनका उद्देश्य स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज एवं स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण करना है। शेखावत ने कहा कि स्वस्थ राष्ट्र ही विकसित भारत का सपना साकार कर सकता है।

कार्यक्रम में यह भी हुए शरीक

कार्यक्रम में अतिथि के तौर पर हिन्दू जागरण प्रशिक्षण शिविर के क्षेत्रीय प्रशिक्षण प्रभारी सुभाष शर्मा, समाज सेवी एवं हिन्दू जागरण कार्यकर्ता श्रवण सिंह राठौड़, अनूप नांगल व राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष प्यारेलाल चैधरी ने भी शिरकत की। कार्यक्रम में राजस्थान नर्सिंग टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष पुरुषोत्तम कुम्भज, ग्लोबल फाउंडेशन के ओमप्रकाश स्वामी, राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के प्रिंसिपल मदन मोहन मीणा आदि मौजूद रहे।

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