जयपुर। माणक चौक थाना इलाके में महाशिवरात्रि के दिन ताड़केश्वर महादेव मंदिर में धार्मिक आयोजन के दौरान सब इंस्पेक्टर सुरेश शर्मा ने पुजारी से अभद्रता की। जिसके पश्चात मंदिर परिसर का माहौल गर्मा गया। धार्मिक कार्यक्रम के दौरान ड्यूटी कर रहे सब इंस्पेक्टर सुरेश कुमार ने पूजा-अर्चना कर रहे भक्तों के साथ भी हाथापाई की। जिसके बाद मंदिर प्रशासन ने भक्तों की मदद से सुरेश शर्मा को गर्भगृह से बाहर निकाल दिया।
मंदिर परिसर में पुजारियों के साथ ही अभद्रता के बाद रोष में आए पुजारियों ने सोमवार को मंदिर परिसर का मुख्य गेट बंद दिया और धरने पर बैठ गए और सब इंस्पेक्टर सुरेश शर्मा को सस्पेंड करने की मांग करने लगे। पुजारियों के धरना प्रदर्शन की खबर सुनने के बाद हवा महल विधायक बाल मुकुंद आचार्य भी धरना स्थल पर पहुंचे और दोषी सब इंस्पेक्टर के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
जिसके पश्चात पुलिस के अधिकारी एएसपी नीरज पाठक, माणक चौक थाना अधिकारी राकेश ख्यालियां भी मौके पर पहुंचे और सब इंस्पेक्टर सुरेश शर्मा को एपीओ के आदेश दिखाएं । इसी के साथ तीन दिन में जांच पूरी करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद गुस्साए पुजारियों ने धरना समाप्त कर दिया।
ये था मामला
बताया जा रहा है कि महाशिवरात्रि को ताड़केश्वर महादेव मंदिर में चार पहर की पूजा होनी थी। अधिक भीड़ और अनहोनी के चलते पुलिस प्रशासन को लिखित सूचना दी गई थी। रात 11 बजे दूसरे पहर की पूजा में सब इंस्पेक्टर सुरेश शर्मा मंदिर परिसर में आए और मंदिर के गर्भगृह में पहुंच कर भोले बाबा के दर्शन करने लगे। पुजारियों ने सुरेश शर्मा को बेल्ट बाहर उतारकर आने के लिए कहा।
बस इतनी सी बात को लेकर सब इंस्पेक्टर का सुरेश शर्मा आवेश में आ गए और पुजारियों से धक्का मुक्की करने लग गए। इसी दौरान मंदिर में मौजूद भक्तों ने घटना का वीड़ियों बना लिया। मंदिर पुजारी का आरोप है कि हाथापाई में उनके दांत में चोट आई। आवेश में आए सुरेश शर्मा ने बीच-बचाव कर रहे भक्तों के साथ भी हाथापाई की।
पूर्व में रहे चुका है सब इस्पेक्टर विवाद में
बताया जा रहा है कि सब इस्पेक्टर पूर्व में भी गोविंद देवजी मंदिर ओर ताड़केश्वर मंदिर में भक्तों और पुजारियों के साथ अभद्रता कर चुका है। जिसकी शिकायत पूर्व में भी की गई थी। इस बार भी सुरेश शर्मा ने मंदिर के गर्भगृह में घुसकर पुजारियों और भक्तों के साथ मारपीट की है।
इस मामले को लेकर एएसपी नॉर्थ नीरज पाठक का कहना है कि मंदिर प्रबंधन और पुलिस प्रशासन के बीच मतभेद किसी गलतफहमी को लेकर हुआ था। मंदिर प्रशासन की मौजूदगी में वार्ता हुई है। मामले की जांच कराई जाएगी।




















