टीमवर्क आर्ट्स ने प्रेस कांफ्रेंस में जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2024 के हाईलाइट्स साझा किये

जयपुर। 1 से 5 फरवरी को होटल क्लार्क्स आमेर, जयपुर में होने वाले जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2024 का काउंटडाउन शुरू हो चुका है| इसी उपलक्ष्य में फेस्टिवल के प्रोडूसर, टीमवर्क आर्ट्स ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की मेजबानी की, और मीडिया को फेस्टिवल के 17वें संस्करण के विषय में विस्तार से बताया| साहित्य के इस महाकुम्भ में देश-दुनिया के 550 से अधिक लेखक, वक्ता और कलाकार हिस्सा लेंगे, और इसमें 16 भारतीय और 8 अंतर्राष्ट्रीय भाषाएं प्रस्तुत की जाएंगी| भारतीय भाषाओँ में शामिल हैं: असमी, अवधी, बंगाली, हिन्दी, कन्नड़, कश्मीरी, कुरुख, मलयालम, ओड़िया, पंजाबी, राजस्थानी, संस्कृत, तमिल, तोड़ा, उर्दू और बंजारा भाषा – लामानी (लम्बाडा)|    

फेस्टिवल में साहित्य की श्रेष्ठ प्रतिभाओं को सम्मिलित किया जाएगा, जिनमें प्रमुख हैं: नेशनल जिओग्राफिक की यूरोप और पश्चिमी एशिया में रीजनल मैनेजर, यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में ऑनरेरी फेलो और सिल्क: ए हिस्ट्री इन थ्री मेटामोर्फेस की लेखिका आरती प्रसाद; भूतपूर्व इंडियन क्रिकेटर और कमेंटेटर अजय जड़ेजा; ब्लॉकबस्टर बाहुबली त्रयी, असुर: टेल ऑफ़ द वेन्क़ुइश्ड और अजय सीरिज के लेखक आनंद नीलकंठन; बैड न्यूज़: लास्ट जर्नलिस्ट इन ए डिक्टेटरशिप और स्ट्रिंगर: ए रिपोर्टर’स जर्नी इन द कांगो  के पुरस्कृत लेखक, पत्रकार और टेलीविज़न प्रेजेंटर अंजन सुंदरम; ऑपरेशन मिंसमीट, ए स्पाई अमोंग्स्ट फ्रेंड्स, SAS: रोग हीरोज और हाल ही में प्रकाशित हुई कोल्द्तिज़: प्रिजनर ऑफ़ द कैसल सहित  नॉन-फिक्शन हिस्ट्री की चौदह किताबों के लेखक बेन मकिन्त्रे, जिनकी किताबें संडे टाइम्स की बेस्टसेलर लिस्ट में शामिल रही हैं; उपन्यासकार, पटकथाकार और क्रिएटिव डायरेक्टर बोनी गार्मुस; साहित्य के लिए जेन मिचल्सकी पुरस्कार से सम्मानित लेखक गोर्गी गोस्पोदिनोव; पश्चिम बंगाल के भूतपूर्व गवर्नर, आई एम एन आर्डिनरी मैन: इंडिया’स स्ट्रगल फॉर फ्रीडम (1914-1948) के लेखक और महात्मा गांधी के परपोते गोपाल कृष्ण गांधी; पुलित्ज़र प्राइज से सम्मानित और ट्रस्ट और इन द डिस्टेंस के बेस्टसेलिंग लेखक हेर्नन डिआज़; स्तंभकार, ओर्वेल प्राइज से सम्मानित पत्रकार और द एस्केप आर्टिस्ट: द मैन हू ब्रोक आउट ऑफ़ ऑस्विच टू वार्न द वर्ल्ड सहित 12 किताबों के लेखक जोनाथन फ्रीडलैंड; सुपर इनफिनिट (बैली गिफर्ड र्पिज़े से सम्मानित), द गोल्डन मोल और अदर वैनिशिंग ट्रेजर की लेखिका कैथरीन रुंडेल; इंटिमेसिज की पुरस्कृत लेखिका कैटी कितामुरा; पुरस्कृत ब्रिटिश उपन्यासकार और हाल ही इआन फ्लेमिंग की जीवनी से चर्चित जीवनीकार निकोलस शेक्सपियर; लॉ प्रोफेसर और कोर्ट ऑन ट्रायल की लेखिका सीतल कलंत्री; पत्रकारिता की प्रोफेसर और द लाफ्टर व फोरेन की लेखिका सोनोरा झा|

प्रेस कांफ्रेंस में, टीमवर्क आर्ट्स ने ऑफिस ऑफ़ द रेजिडेंट कमिश्नर ऑफ़ द यूनाइटेड नेशंस के साथ अपने आगामी प्रोग्राम की घोषणा की| उन्होंने बताया विविध पहल और पार्टनरशिप के जरिये उनका प्रयास ‘जीरो-वेस्ट’ और अधिक ‘सस्टेनेबल’ फेस्टिवल बनाने का है| अपने ग्रीन पार्टनर्स के सहयोग से फेस्टिवल का मकसद भविष्य में कार्बन-न्यूट्रल बनने का है|

मीडिया को संबोधित करते हुए, टीमवर्क्स आर्ट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर संजॉय के. रॉय ने कहा, “हम अपने नए स्ट्रेजिक पार्टनर, संजय अग्रवाल और उनके फैमिली ऑफिस का स्वागत करते हैं, जो साहित्य और कला की समृद्धि में योगदान देंगे।”

“इस साल जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल विचारोत्तेजक विषयों और शानदार प्रस्तुतियों को लेकर हाजिर है, इसमें 550 वक्ता और कलाकार हिस्सा लेंगे। हम जयपुर में सभी पाठकों को आमंत्रित करते हैं, वो आएं और शब्दों के इस महत्वपूर्ण फेस्टिवल का हिस्सा बनें,” रॉय ने आगे कहा|

अपने विचार साझा करते हुए, AU स्माल फाइनेंस बैंक के एमडी और सीईओ, संजय अग्रवाल ने कहा, “सालों से, जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल दुनिया के सबसे प्रमुख लिटरेचर फेस्टिवल के रूप में उभरा है। यह सहयोग प्रत्येक गुजरते वर्ष के साथ सुदृढ़ होने और बढ़ती प्रासंगिकता हासिल करने के लिए तैयार है। हमारा दृढ़ विश्वास है कि टीमवर्क आर्ट्स और मेरे फैमिली ऑफिस का एक साझा दृष्टिकोण फेस्टिवल को अभूतपूर्व उपलब्धियों की ओर ले जाएगा|”

कांफ्रेंस में साउथ एशिया के सबसे बड़े पब्लिशिंग एन्क्लेव, जयपुर बुकमार्क (JBM) के प्रमुख सत्र भी साझा किये गए| जेबीएम का आयोजन फेस्टिवल के साथ ही 5 दिन के लिए किया जाएगा, जिसमें पब्लिशिंग इंडस्ट्री के विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे और प्रकाशन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा करेंगे| जेबीएम में ही राइट्स कैटलॉग का भी लोकार्पण होगा, जिसमें विभिन्न भाषाओँ की किताबों और उनके उपलब्ध राइट्स का वर्णन होगा|

जेबीएम के प्रमुख सत्र:
इंडियन लिटरेचर: अक्रॉस लैंग्वेजेज, अक्रॉस स्क्रिप्ट्स

डेजी रॉकवेल, सुचित्रा रामचंद्रन, मिनी कृष्णन, सुकृता पॉल कुमार संग संवाद आर शिवप्रिया
भारत में हजारों भाषाएं बोली जाती हैं| उसकी अपनी अनेक लिपियाँ हैं। विविध भाषाओँ के साहित्यकार लेखन में नित नये प्रयोगों पर विचार करते हैं| नए और पुराने पाठकों को पृष्ठ या स्क्रीन की तरफ खींचने वाली कौन सी प्रमुख वजहें हैं?

सतरंगी: रेनबो रीडिंग्स
भरत ओला, चिंतन गिरीश मोदी, किंशुक गुप्ता संग संवाद अदिति महेश्वरी गोयल


भारतीय भाषा प्रकाशन में लम्बे समय तक सेक्सुअलिटी पर खुलकर बात नहीं हुई| हाल ही में, हिंदी, राजस्थानी और अन्य भाषाओं में सेक्सुअलिटी को अभिव्यक्त किया जाने लगा है| प्रकाशक, लेखक और टिप्पणीकार परिवर्तन की इस लंबे समय से प्रतीक्षित चेतावनी को कैसे देखते हैं?

सेलिब्रेटिंग 50 इयर्स ऑफ़ पब्लिशिंग: डीसी बुक्स
रवि डीसी संग संवाद कार्तिका वीके


मलयालम पब्लिशिंग कम्पनी डीसी बुक्स ने वर्ष 2023 में अपनी सफलता के 50 साल पूरे किये| कार्तिका वीके के संग संवाद में रवि डीसी इस प्रेरक सफ़र की कहानी सुनाएंगे|

कांफ्लुएंसेस: मल्टीलिंगुअल पब्लिशिंग इन द गोबल साउथ
अनीता औजायेब, इब्राहिम वाहीद, भुचुंग डी. सोनम, ओन्येका न्वेलेऊ संग संवाद चैंडलर क्रावफोर्ड


चाहे यादों को सहेजना हो या विभिन्न भाषाओं की ध्वनियों को जीवित रखना हो, रचनात्मकता का जोश विभिन्न देशों के प्रतिबद्ध प्रकाशकों को काम करने के लिए प्रेरित करता है| मॉरीशस और तिब्बत जैसे विविध देशों से आने वाले प्रकाशक इस सत्र में अपनी बात रखेंगे|

मार्केटिंग इन द टाइम्स ऑफ़ सोशल मीडिया
प्रज्ञा तिवारी, सक्षम गर्ग, अतिका गुप्ता, जय प्रकाश पांडे संग संवाद अजय जैन


किताबों की मार्केटिंग अब बदल रही है| स्पेशलिस्ट एजेंसी, सोशल मीडिया पर दमदार उपस्थिति और यूट्यूब पर रिव्यू किताब की तरफ ध्यान आकर्षित करने में मदद करते हैं| इस सत्र में विशेषज्ञ बताएंगे कि वो इन बदलावों का सामना कैसे कर रहे हैं|

रीडिंग पिक्चर्स: फॉर द अर्ली बुकवोर्म
सुशील शुक्ला, नीरज जैन, नैंसी सिल्बेरक्लेट, प्रशांत पाठक संग संवाद कनिष्का गुप्ता

पिक्चर बुक्स अपने नवेले पाठकों को चित्रों और शब्दों के रहस्य को उजागर करने के लिए आकर्षित करती हैं। यही वो पहली सीढ़ी है, जो बच्चों में किताबों से जुड़ने की नींव डालती है| सत्र में इसी कदम पर चर्चा होगी|

अंडरस्कोर: इश्यूज ऑफ़ टैक्सेशन इन पब्लिशिंग एंड द हेडेक नेम्ड पायरेसी
नंदन झा, गोविंद डीसी, डेहलिया सेन ओबेरॉय, कर्नल युवराज मलिक संग संवाद अदिति महेश्वरी गोयल


इस सत्र में प्रमुख टैक्स से जुड़ी प्रक्रिया पर बात करेंगे| इस क्षेत्र में वे क्या बदलाव चाहते हैं? वे पायरेटेड किताबों की समस्या से कैसे जूझ रहे हैं? क्या कानूनी उपाय संतोषजनक हैं? यह सत्र कठिन प्रश्नों पर बारीकी से विचार करेगा।     

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