जयपुर। श्री खोले के हनुमान मंदिर के संस्थापक पं. राधेलाल चौबे की 16वीं पुण्यतिथि पर गुरुवार को खोले के हनुमान जी मंदिर में अनेक सेवा कार्य हुए। सुबह समाधि पर भजन-संकीर्तन किया गया। दोपहर को मंदिर परिसर स्थित गोशाला में गायों को हरा चारा, गुड़ खिलाया गया। संतों-महंतों को प्रसादी कराने के बाद अपराह्न में कुष्ठ आश्रम में प्रसादी वितरण किया गया। शाम को सामूहिक सुंदरकाण्ड पाठ हुए। शाम को ही हवन की पूर्णाहुति हुई।
गौरतलब है कि सन 1960 के दशक में, पंडित राधेलाल चौबे ने जयपुर की पूर्वी पहाड़ियों के बीच इस निर्जन स्थान पर लेटी हुई हनुमानजी की विशाल प्रतिमा की खोज की और वहीं उनकी सेवा-पूजा शुरू की थी। जिसके पश्चात 1961 में मंदिर के विकास के लिए उन्होने नरवर आश्रम सेवा समिति की स्थापना की। पं. राधेलाल चौबे अपना अपना जीवन इस स्थान को विकसित करने में लगा दिया।
जिसके परिणामस्वरूप आज यह एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। पंडित राधेलाल चौबे जी का निधन जनवरी 2010 में हुआ। उनके निधन के 16 साल पूरे होने पर (जनवरी 2026), उनके सम्मान में मंदिर परिसर में कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए । मंदिर के मुख्य द्वार के पास उनकी संगमरमर की समाधि बनी हुई है, जहाँ उनके पदचिह्न चांदी से नक्काशी कर संरक्षित किए गए हैं, और उनकी स्मृति में एक संग्रहालय कक्ष भी है।




















