एसीबी ने खनिज विभाग के अफसर-कर्मचारियों सहित क्रेशर मालिकों पर दर्ज किया मामला

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ACB raided eight locations of the Municipal Executive Officer
ACB raided eight locations of the Municipal Executive Officer

जयपुर। अवैध खनन को वैध दर्शाकर सरकार को भारी राजस्व हानि पहुंचाने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की भरतपुर टीम ने प्राथमिक जांच के बाद खनिज विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों,क्रेशर मालिकों और रॉयल्टी ठेकेदारों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो पुलिस महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी को मिली शिकायत में आरोप था कि खनिज विभाग भरतपुर के अधिकारी-कर्मचारी, क्रेशर मालिक और रॉयल्टी ठेकेदार मिलकर बंद पड़ी खदानों के रवन्नों का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर अवैध खनन करा रहे हैं और उसे वैध खनन दर्शाया जा रहा है।

जिस पर एसीबी द्वारा की गई जांच में प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से लाखों टन खनिज संपदा का अवैध खनन किया और रवन्नों का दुरुपयोग कर उसे वैध बताकर सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाया।

इसके बाद रामनिवास मंगल, तत्कालीन खनिज अभियंता,भरतपुर (वर्तमान में खनिज अभियंता, कोटा),वीरेंद्र कुमार खनिज कार्यदेशक द्वितीय,राजेन्द्र सिंह तत्कालीन खनिज अभियंता,संजू सिंह तत्कालीन सर्वेयर,भीम सिंह तत्कालीन खनिज कार्यदेशक प्रथम,अभिषेक तंवर लीज मालिक,जेपी एंड ब्रॉस क्रेशर मालिक,पारस इन्फ्रा,सीडीएस इन्फ्रा,बालाजी एंड कंपनी,शुभ लाभ स्टोन क्रेशर और रॉयल्टी ठेकेदार मैसर्स देव दशरथ सहित अन्य लोगों की भूमिका संदिग्ध पाई जाने पर इनके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया ।

एसीबी के अनुसार खनिज विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए क्रेशर मालिकों और रॉयल्टी ठेकेदारों को अवैध खनन में संरक्षण दिया गया। जिससे राज्य सरकार को राजस्व की गंभीर हानि हुई। वहीं प्रकरण दर्ज होने के बाद एसीबी द्वारा अग्रिम अनुसंधान जारी है और मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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