जयपुर। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान, जयपुर आश्रम (सोडाला) में ‘संतुलन’ प्रकल्प के अंतर्गत लोहड़ी पर्व श्रद्धा, पारंपरिक उल्लास और सामाजिक जागरूकता के संदेश के साथ मनाया गया। आयोजन का उद्देश्य लोकपर्वों के आध्यात्मिक एवं सामाजिक महत्व को उजागर करते हुए समाज में सकारात्मक सोच, लैंगिक समानता और नारी सशक्तिकरण का संदेश देना रहा।

कार्यक्रम में संस्थान द्वारा प्रतिवर्ष संचालित ‘कन्या बचाओ अभियान’ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बेटियों को समाज की शक्ति बताते हुए उनके सम्मान, संरक्षण और समान अधिकारों की आवश्यकता पर बल दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि पर्व-त्योहार केवल उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और बदलाव के सशक्त माध्यम हैं।
इस अवसर पर भजन-कीर्तन एवं आध्यात्मिक विचारों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों से आश्रम का वातावरण भक्तिमय हो उठा। इसके पश्चात लोहड़ी पर्व की परंपरा अनुसार अग्नि प्रज्ज्वलन कर उत्सव मनाया गया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने सामाजिक कुरीतियों को त्यागने और बेटियों को समान अवसर देने का संकल्प लिया।

साधवी लोकेशा भारती ने कहा कि ‘संतुलन’ प्रकल्प के माध्यम से दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान समाज में जागरूकता, समानता और नैतिक मूल्यों की स्थापना के लिए सतत कार्य कर रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सेवाधारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने इस प्रेरणादायी आयोजन की सराहना की।




















