जयपुर/बीकानेर। भारतीय संस्कृति एवं सनातन सार्वभौम महासभा तथा श्री विप्र महासभा के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे 43वें पूजन अनुष्ठान के अंतर्गत पौष मास का मुख्य दिव्य एवं विशेष अनुष्ठान 4 जनवरी (रविवार) को आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर बीकानेर के नत्थूसर गेट के बाहर लाली बाई पार्क के पास स्थित श्री गायत्री मंदिर सहित शहर के 151 मंदिरों में पौषबड़ा अनुष्ठान का भोग अर्पित कर प्रसाद वितरित किया जाएगा।
पूजन अनुष्ठान के साधक पं. योगेन्द्र कुमार दाधीच (राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय संस्कृति एवं सनातन सार्वभौम महासभा, राष्ट्रीय संयोजक श्री विप्र महासभा एवं राष्ट्रीय महामंत्री ब्राह्मण अंतरराष्ट्रीय संगठन) की मंगल उपस्थिति तथा आध्यात्मिक युग पुरुष पं. जुगल किशोर ओझा पुजारी बाबा जी के सानिध्य में प्रातः 11 बजे से श्री गायत्री मंदिर में मुख्य अनुष्ठान संपन्न होगा। इसमें गायत्री माता का पुष्पों से विशेष श्रृंगार कर पौषबड़ा का भोग अर्पित किया जाएगा एवं महाआरती की जाएगी।
151 थालियों में भोग, मंदिरों में होगा पूजन
अनुष्ठान के तहत पौषबड़ा की 151 थालियां सजाकर क्रमवार सभी मंदिरों में भोग अर्पित किया जाएगा। संबंधित मंदिरों में पुजारियों के पावन हाथों से पूजन, श्रृंगार, भोग एवं आरती संपन्न होगी। श्री गायत्री मंदिर में प्रसाद वितरण का मुख्य अनुष्ठान प्रातः 11 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक चलेगा।
पुजारियों का सम्मान
मुख्य पूजन अनुष्ठान में सभी 151 मंदिरों के पुजारियों को मंदिर परिसर में ही अभिनंदन पत्र भेंट कर आध्यात्मिक सेवा एवं आदर्श दंपत्ति सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
चरण पूजन व वंदन अनुष्ठान
मुख्य अनुष्ठान के दौरान श्री गायत्री माता की आरती के पश्चात पं. जुगल किशोर ओझा ‘पुजारी बाबाजी’ एवं पं. नथमल पुरोहित ‘कर्मकांड भास्कर’ का 43वें पूजन अनुष्ठान के अंतर्गत चरण पूजन एवं वंदन कर सम्मान किया जाएगा।
मलमास तक चलेंगे अनुष्ठान
आयोजकों के अनुसार यह दिव्य एवं विशेष पूजन अनुष्ठान पूरे मलमास में 151 से अधिक मंदिरों में क्रमवार आयोजित किए जाएंगे। मंदिरों के पुजारी, क्षेत्रीय प्रभारी एवं सनातन श्रद्धालुओं की उपस्थिति में यह आयोजन लगातार जारी रहेगा।



















