जयपुर। गुरुद्वारा श्री गुरु नानक सत्संग सभा नेहरू नगर, पानीपेच, जयपुर में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आज छठे महान गुरमत समागम की शुरुआत सुबह आसा दी वार के पाठ से की गई।
जानकारी देते हुए गुरुद्वारे के प्रधान सरदार हरचरण सिंह ने बताया कि शुक्रवार सुबह भाई गुरमीत सिंह कुलदीप सिंह द्वारा आसा दी वार का पाठ किया गया। पाठ करते हुए “मौली धरती मौल्या आकाश घट घट मौल्या आतम प्रगाश”, “माई मै धन पाएयो हरि नाम”, “दीन बिसारयो रे दिवाने”, सोई सिआणा सो पतिवंता” शब्द गायन किया।
इनके उपरांत भाई मनदीप सिंह हजूरी रागी गुरुद्वारा नेहरू नगर ने “जिना न विसरै नाम से किनेहिया”, “तुझ बिनु अवर न जाणा मेरे साहिबा गुण गांवा नित तेरे,” “इस मन कउ बसंत की लगे ना सोई” शब्द गायन कर संगत को निहाल किया।
गुरुद्वारे के संरक्षक सरदार हरविंदर सिंह बग्गा ने बताया कि यह समागम 23 से 25 जनवरी को चार सत्रों में किया जाएगा। इस समागम में जयपुर से बाहर के रागी जत्थे एवं धर्म प्रचारक आ रहे हैं।
इस समागम में भाई रविंद्र सिंह, भाई सुरेंद्र सिंह नछत्तर सिंह, भाई निर्भय सिंह, भाई हरजीत सिंह, हजूरी रागी श्री दरबार साहिब, अमृतसर एवं भाई गुरप्रीत सिंह लुधियाना वाले, भाई हरमीत सिंह कथावाचक, भाई मनदीप सिंह, हजूरी रागी गुरुद्वारा पानीपेच, भाई गुरमीत सिंह भाई कुलदीप सिंह अपने कीर्तन एवं कथा विचार से संगत को निहाल करेंगे। सिंह ने बताया कि 25 जनवरी को सुबह 11 बजे श्री अकाल तख्त साहिब अमृतसर से आने वाले पंज प्यारों द्वारा अमृत संचार करवाया जाएगा।




















