जयपुर। बिड़ला मंदिर समीप शिवगढ़ी में गत पांच वर्ष की भांति इस साल भी महाशिव रात्रि को भक्तों की भीड़ दिखाई नहीं देगी। इस बार भी मंदिर के पट बंद रहने की सूचना से भक्तों की आस टूटी नजर आ रहीं है। बताया जा रहा है कि मोती डूंगरी की पहाड़ी में सबसे ऊंची चोटी पर विराजमान प्राचीन एकलिंगेश्वर महादेव मंदिर (शिवगढ़ी) के द्वार इस महाशिवरात्रि पर भी श्रद्धालुओं के लिए 15 फरवरी को नहीं खोले जाएंगे।
सुरक्षा कारणों और पहाड़ी की कमजोर स्थिति को देखते हुए लगातार छठे साल यह ऐतिहासिक मंदिर आमजन की पहुंच से दूर रहेगा। बताया जाता है कि जयपुर की स्थापना से भी पूर्व का यह शिवालय अपनी विशिष्टता के लिए विख्यात है। यहां शिव परिवार के स्थान पर महादेव का एक अति सूक्ष्म श्वेत शिवलिंग विराजमान है।
साल भर में केवल एक बार महाशिवरात्रि के दिन इस मंदिर के कपाट खुलते थे, जहां दर्शन के लिए श्रद्धालु मध्यरात्रि से ही कई किलोमीटर लंबी कतारों में लग जाते थे। लेकिन पिछले करीब छह सालों से पहाड़ी के कुछ हिस्सों में गहरी दरारें आ चुकी हैं और चढ़ाई का मार्ग बेहद जर्जर हो चुका है।
भारी भीड़ के चलते किसी भी संभावित दुर्घटना को टालने के लिए पूर्व राजपरिवार के अधिकार क्षेत्र वाले इस मंदिर को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। मंदिर के रास्ते पर पहाड़ी पर जगह—जगह चट्टानों की स्थिति के साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर को बंद करने का निर्णय पूर्व में राजपरिवार के सदस्यों ने लिया है ताकि मानवीय अनहोनी न हो।




















