वन-वे व्यवस्था के खिलाफ व्यापारियों का गुस्सा: 400 दुकानें बंद कर हवा महल के सामने प्रदर्शन

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Traders' anger against the one-way system

जयपुर। परकोटे में त्योहारी सीजन के दौरान लागू की गई नई वन-वे यातायात व्यवस्था के विरोध में शनिवार को व्यापारी सड़कों पर उतर आए। सुभाष चौक से बड़ी चौपड़ तक के बाजारों में व्यापारियों ने प्रतिष्ठान बंद रखकर हवा महल के सामने प्रदर्शन किया। व्यापारियों के अनुसार, करीब 400 दुकानें पांच घंटे तक बंद रहीं। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि यातायात मार्ग में बदलाव और बैरिकेडिंग के कारण बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही घट गई है, जिससे दीपावली से पहले कारोबार प्रभावित हो रहा है।

सुभाष चौक, चांदी की टकसाल और हवा महल क्षेत्र में यातायात पुलिस ने त्योहारी सीजन को देखते हुए वन-वे व्यवस्था लागू की है। इसके विरोध में सुभाष चौक व्यापार मंडल, पुराना आमेर रोड व्यापार मंडल, चांदी की टकसाल व्यापार मंडल और हवा महल व्यापार मंडल ने मोर्चा खोला। सुबह सुभाष चौक व्यापार मंडल के अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल और महामंत्री महावीर शर्मा के नेतृत्व में दुकानदारों ने दुकानें बंद रखीं और बड़ी चौपड़ पर हवा महल के सामने एकत्र होकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

ग्राहकों की आवाजाही घटी, व्यापारियों की चिंता बढ़ी

व्यापारियों का कहना है कि सुभाष चौक से हवा महल की ओर जाने वाले मार्ग को डायवर्ट करने और तीन तरफ बैरिकेडिंग से रास्ता बंद करने के कारण बाजार तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। स्थानीय ग्राहकों के साथ पर्यटकों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। दीपावली नजदीक होने के कारण व्यापारियों को बिक्री घटने की चिंता सता रही है।

सुभाष चौक व्यापार मंडल के अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने कहा कि पुलिस ने व्यापारियों से चर्चा किए बिना वन-वे व्यवस्था लागू कर दी। त्योहारी सीजन में इस तरह के बदलाव से व्यापार पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। जयपुर व्यापार महासंघ के महासचिव सुरेश सैनी ने कहा कि पुलिस कभी सड़क पर कट बंद कर देती है तो कभी वन-वे व्यवस्था लागू कर देती है। इससे व्यापारियों को परेशानी होती है। दीपावली पर जयपुर में बड़ी संख्या में पर्यटक भी आते हैं, ऐसे में यातायात व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिससे बाजारों और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान रहे।

पर्यटन गाइड एसोसिएशन ने भी दिया समर्थन

व्यापारियों के विरोध को जयपुर टूरिस्ट गाइड एसोसिएशन ने भी समर्थन दिया। एसोसिएशन के अध्यक्ष मदन सिंह राजपुरा ने कहा कि जयपुर आने वाले पर्यटकों के लिए आवागमन की सुविधाएं सुगम होनी चाहिए। मौजूदा व्यवस्था से पर्यटकों और टूरिस्ट गाइडों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एसोसिएशन का कहना है कि वन-वे व्यवस्था लागू करने से पहले संबंधित व्यापार मंडलों और अन्य पक्षों से चर्चा की जानी चाहिए थी।

हालांकि, बाजारों में बंद को लेकर सभी व्यापारियों में एकराय नहीं दिखी। पुराना आमेर रोड से हवा महल तक कुछ बाजारों में दुकानें बंद रहीं, जबकि कई दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान खुले रखे। प्रदर्शन के दौरान एक मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा, वहीं दूसरी ओर वाहन धीमी गति से चलते नजर आए।

एसीपी ने समझाया, डीसीपी को सौंपा ज्ञापन

प्रदर्शन की सूचना मिलने पर एसीपी पीयूष कविया मौके पर पहुंचे और व्यापारियों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि यातायात सुचारू रखने के उद्देश्य से व्यवस्था में बदलाव किया गया है। साथ ही, पर्यटकों की गाड़ियों को नहीं रोके जाने की बात कही।

बाद में जयपुर व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुभाष गोयल, एमआई रोड व्यापार मंडल के महामंत्री सुरेश सैनी और प्रकाश सिंह पटियाल सहित पांच प्रतिनिधियों ने ट्रैफिक डीसीपी प्रवीण नायक नूनावत से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने वन-वे व्यवस्था से व्यापार और पर्यटन पर पड़ रहे असर का हवाला देते हुए इसे तुरंत हटाने की मांग की और विस्तृत ज्ञापन सौंपा। डीसीपी ने व्यापारियों की समस्याएं सुनते हुए व्यवस्था हटाने का आश्वासन दिया।

व्यापारियों ने इसे सांकेतिक विरोध बताते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। अब व्यापारियों की नजर प्रशासन के अगले कदम पर है।

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