आज से होगा राजस्थान के बाड़मेर जिले में दो दिवसीय वाणी उत्सव का आगाज

बाङमेर/ जयपुर। नाद से अनहद नाद की थीम पर रुमा देवी फाउंडेशन द्वारा हर वर्ष आयोजित होने वाले दो दिवसीय वाणी उत्सव का आगाज आज शुक्रवार शाम सात बजे राजस्थान के बाड़मेर जिले के शिव शक्ति धाम में होगा। वाणी उत्सव में वीणा पर परंपरागत गायन करके इस परंपरा को संरक्षण देने वाले कलाकारों को एक लाख के नगद पुरस्कार और पांच लाख की वीणा वाद्य यंत्र भेंट करके सम्मानित किया जाएगा।

रुमा देवी फाउंडेशन की निदेशक, सामाजिक कार्यकर्ता व हावर्ड स्पीकर डॉ. रुमा देवी ने बताया की उत्सव की शुरुआत शाम 7 बजे वार्ता सत्र से होगी जिसमें नाद से अनहद नाद, वर्तमान समय में वाणी गायन परम्परा की प्रासंगिकता एवं संरक्षण की आवश्यकता, हरी को भजे सो हरी को होय आदि विषयों पर प्रबुद्ध जनों के साथ संवाद स्थापित किया जायेगा। उसके बाद शाम आठ बजे से भजन प्रतियोगिता का आयोजन होगा जो देर रात तक चलेगा। जिसमें पंजाब, गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान आदि राज्यों से पधारे 100 से अधिक कलाकार दल वीणा पर वाणीयों प्रस्तुती देंगे | वाणी उत्सव के सम्पूर्ण कार्यक्रम का रुमा देवी ऑफिसियल फेसबुक पेज और यूट्यूब चैनल पर लाइव प्रसारण किया जायेगा।

चार श्रेणी में मिलेंगे दानजी स्मृति मारवाड़ भजनी पुरस्कार

संस्थान के सचिव विक्रम सिंह ने बताया कि वाणी उत्सव के अगले दिन 30 मार्च को सुबह 9 बजे से पुरस्कार समारोह शुरू होगा जिसमें अलग-अलग चार श्रेणी में कुल रुपए एक लाख रुपए पुरस्कार स्वरूप दिए जाएंगे, जिसमें प्रत्येक कैटेगरी से चयनित कलाकार को रुपए 25 हजार की राशि और विजेता का सर्टिफिकेट प्रदान किया जायेगा. पुरस्कार पाने वालों में नवोदित कलाकार 20 वर्ष तक, युवा कलाकार 21 से 45 वर्ष, वरिष्ठ कलाकार 45 वर्ष से ऊपर एवं वीणा भजन परंपरा के संरक्षण के लिए विशेष कार्य करने वाले संगठन, संस्थान या व्यक्ति शामिल रहेंगे | साथ ही 50 अन्य पारम्परिक भजन गायकों को वीणा वाध्य यंत्र प्रदान किया जायेगा।

वाणी उत्सव समारोह में यह रहेंगे मोजूद

वाणी उत्सव के कार्यक्रम में राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम जी भाई साहब, नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित डॉक्टर रुमा देवी, संगीत एवं गायन क्षेत्र से पद्मश्री अनवर खान लंगा, गजेन्द्र राव जोधपुर, राष्ट्रवादी भजन गायक प्रकाश माली आदि उपस्थित रहेंगे। पांचला सिद्धा के महंत श्री श्री 1008 सूरजनाथ जी महाराज, रामधाम खेड़ापा के उतराधिकारी गोविन्द राम जी शास्त्री, चंचल प्राग मठ के महंत श्री श्री 1008 शम्भू नाथ जी का संत साहित्य पर उद्बोधन रहेगा। इनके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार महेशराम, केलम और दरिया, मुरालाला मारवाडा, बाल कलाकार प्रकाश खट्टू आदि की विशेष प्रस्तुती रहेगी।

क्या है वीणा गायकी : संस्थान के सचिव विक्रम सिंह ने बताया कि हिन्दुस्तान में सदियों से चली आ रही हमारी संस्कृति में वाणी गायन की समर्ध परंपरा रही है जो कि छुआछूत, ऊंच – नीच, अमीर – गरीब और धार्मिक भेदभाव की खाई को मिटाकर सामाजिक समरसता स्थापित करने का संदेश देती आई है। थार के मरुस्थल में हर धार्मिक उत्सव, सत्संग, जमा- जागरण में सुनाई देने वाला वीणा गायन वर्तमान समय के इलेक्ट्रॉनिक बाजों के शोरगुल में संकुचित होकर थम सा गया है. इस गायन परम्परा का पुनरुत्थान कर वापस मुख्य धारा में लाने और नवीन पीढ़ी को पारम्परिक विरासत से परिचित करने के लिए संस्थान द्वारा हर वर्ष वाणी उत्सव का आयोजन किया जाता है।

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