जयपुर। पुलिस ड्यूटी से लंबे समय से अनधिकृत रूप से गैरहाजिर चल रहे 22 कांस्टेबलों के खिलाफ जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने सख्त कार्रवाई की है। बिना किसी आधिकारिक अनुमति के लंबे समय से ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर इन सभी कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन आदेश उपायुक्त (मुख्यालय) अनुष्ठा कालिया ने जारी किए हैं।
अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर (प्रशासन) प्रदीप मोहन शर्मा ने बताया कि पुलिस कमिश्नरेट में अनुशासनहीनता और कर्तव्य के प्रति लापरवाही को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति लंबे समय तक ड्यूटी से गैरहाजिर रहना गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। इससे न केवल संबंधित कार्मिक के दायित्व प्रभावित होते हैं, बल्कि पुलिस बल की कार्यप्रणाली और ड्यूटी व्यवस्था पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।
पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने स्पष्ट किया कि पुलिस बल के प्रत्येक कार्मिक के लिए नियमित रूप से ड्यूटी पर उपस्थित रहना और सौंपे गए दायित्वों का जिम्मेदारी से निर्वहन करना अनिवार्य है। बिना सक्षम अनुमति के लंबे समय तक गैरहाजिर रहने वाले कार्मिकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त (मुख्यालय) अनुष्ठा कालिया ने 22 कांस्टेबलों के निलंबन के आदेश जारी करते हुए कहा कि पुलिस बल में अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी कार्मिक की अनधिकृत गैरहाजिरी से ड्यूटी व्यवस्था प्रभावित होने के साथ ही पूरे पुलिस फोर्स के अनुशासन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
पुलिस आयुक्तालय की इस कार्रवाई को लंबे समय से ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले पुलिसकर्मियों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पुलिस बल में अनुशासन और कर्तव्य के प्रति जवाबदेही से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।


















