भागवत कथा में ध्रुव और प्रह्लाद चरित्र की कथा सुनाई

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The story of Dhruva and Prahlad's character is narrated in the Bhagwat Katha.
The story of Dhruva and Prahlad's character is narrated in the Bhagwat Katha.

जयपुर। श्री साईं नाथ सेवा धाम समिति की ओर से साईं बाबा के 20वें वार्षिकोत्सव पर राजापार्क स्थित सिंधी कॉलोनी के स्वामी सर्वानंद पार्क में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन सोमवार को जगदगुरु परमहंसाचार्य स्वामी दयानंद सरस्वती ने ध्रुव और प्रह्लाद चरित्र की कथा सुनाई। कथा सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।

स्वामी दयानंद सरस्वती ने कहा कि सच्ची आस्था किसी भी भय या प्रलोभन से डगमगाती नहीं है। उन्होंने ध्रुव की कथा सुनाते हुए बताया कि मात्र पांच वर्ष की उम्र में ध्रुव ने कठोर तपस्या कर भगवान विष्णु को प्रसन्न किया और ध्रुवलोक का वरदान पाया।

कथा में भगवान कपिलदेव द्वारा माता देवहूति को दिए गए उपदेशों का भी वर्णन किया गया, जिसमें आत्मा और प्रकृति के भेद, मोह-माया से मुक्ति और योगाभ्यास के महत्व को बताया गया। साथ ही प्रह्लाद चरित्र के माध्यम से विपरीत परिस्थितियों में भी भगवान विष्णु के प्रति अटूट भक्ति का संदेश दिया गया।

आयोजन से जुड़े निवर्तमान पार्षद घनश्याम चंदलानी ने बताया कि महोत्सव के तहत मंगलवार को श्रीराम और श्रीकृष्ण चरित्र की कथा के बाद नंदोत्सव मनाया जाएगा। 11 मार्च को श्रीकृष्ण की बाल लीला के साथ गोवर्धन पूजा और 56 भोग सजाया जाएगा। 12 मार्च को रासलीला और रुक्मिणी विवाह कथा के बाद अंतिम दिन सुदामा चरित्र व परीक्षित मोक्ष के साथ कथा की पूर्णाहुति और पोथी विदाई होगी।

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