भगवान परशुराम के आदर्शों से ही धर्मसम्मत और न्यायपूर्ण समाज की स्थापना संभव : गोपाल शर्मा

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Righteous only through the ideals of Lord Parashurama.
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जयपुर । अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर धर्मसंस्थापक भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में विप्र फाउंडेशन की ओर से शिप्रा पथ, मानसरोवर स्थित श्री परशुराम ज्ञानपीठ में महाआरती का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि समारोह की अध्यक्षता विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यनारायण श्रीमाली ने की।

इस अवसर पर विधायक गोपाल शर्मा ने कहा कि भगवान परशुराम केवल एक धार्मिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि धर्म, न्याय, शौर्य और तपस्या के जीवंत प्रतीक हैं। उनके जीवन, कर्म और सिद्धांत आज भी समाज को सत्य, साहस और धर्मसम्मत आचरण की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भगवान परशुराम के आदर्शों की प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है, जब समाज को नैतिकता, न्याय और सांस्कृतिक मूल्यों की सबसे अधिक आवश्यकता है।

विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यनारायण श्रीमाली ने फाउंडेशन के सामाजिक सरोकारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विप्र फाउंडेशन केवल एक संगठन नहीं, बल्कि समाज सेवा, संस्कार संरक्षण और सामाजिक समरसता का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, सेवा, संगठन और संस्कार के माध्यम से समाज को सशक्त बनाना फाउंडेशन का प्रमुख उद्देश्य है।

उन्होंने कहा कि श्री परशुराम ज्ञानपीठ के माध्यम से भगवान परशुराम की नीतियों एवं आदर्शों की विचारवाहिनी समाज में प्रवाहित कर धर्मसम्मत, न्याययुक्त समाज की स्थापना ही हमारा परम लक्ष्य है।

कार्यक्रम में विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य विनोद अमन, नरेंद्र हर्ष, विमलेश शर्मा, परशुराम ज्ञानपीठ के सचिव सतीश चंद्र शर्मा सहित विभिन्न पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में विप्र बंधु-भगिनियों की गरिमामय उपस्थिति रही।

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