जयपुर। शीतलाष्टमी पर शीतला माता को अर्पित किए जाने वाले ठंडे पकवानों और प्रसाद को पानी में भीगकर खराब होने से बचाने के उद्देश्य से अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से बुधवार को चलाया गया जनजागरण अभियान सफल रहा। श्रद्धालुओं, मंदिर पुजारियों और स्थानीय लोगों के सहयोग से इस अभियान के माध्यम से लगभग 5 क्विंटल प्रसादी सामग्री एकत्रित की गई, जिसे देर शाम तक विभिन्न गौशालाओं और जरूरतमंदों तक पहुंचाया गया।
गायत्री परिवार के महिला मंडल के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में महिलाओं के साथ-साथ पुरुष कार्यकर्ताओं, मंदिरों के पुजारियों और स्थानीय नागरिकों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। विभिन्न शीतला माता मंदिरों और पूजन स्थलों पर कार्यकर्ताओं ने श्रद्धालु महिलाओं से आदरपूर्वक निवेदन किया कि शीतला माता को भोग अर्पित करने के बाद प्रसाद को मंदिर परिसर में रखे गए विशेष पात्रों और बड़े बर्तनों में डालें, ताकि इसे सुरक्षित रूप से एकत्र किया जा सके और व्यर्थ होने से बचाया जा सके।
अभियान के तहत मंदिर परिसरों में बड़े पात्रों, बर्तनों और विशेष थैलियों की व्यवस्था की गई थी, जिसमें श्रद्धालु महिलाएं प्रसाद डालती रहीं। बाद में इस प्रसाद को व्यवस्थित रूप से एकत्रित कर गौशालाओं, कच्ची बस्तियों, अनाथालयों और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाया गया।
मानसरोवर क्षेत्र में अभियान की कमान संभाल रही नीलम वर्मा ने बताया कि श्रद्धालुओं ने इस पहल की सराहना करते हुए पूरा सहयोग किया। मंदिरों के पुजारियों और स्थानीय लोगों ने भी इस व्यवस्था को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मानसरोवर के अलावा झोटवाड़ा, चारदीवारी, मुरलीपुरा, ब्रह्मपुरी क्षेत्र में भी बड़े स्तर पर समझाइश अभियान के सुखद परिणाम नजर आए। लोगों ने इस अभियान की सराहना की।




















