परिवहन विभाग की गाड़ी से टकराने वाले गौतम मीणा ने तोड़ा दम

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जयपुर। विश्वकर्मा थाना इलाके में गत 8 मार्च को परिवहन विभाग की गाड़ी की चपेट में आए युवक ने शुक्रवार को उपचार दौरान दम तोड़ दिया। मेडिकल इत्तला पर सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंची। लेकिन परिजनो ने शव लेने से इनकार कर दिया और मुर्दाघर के बाहर ही धरना -प्रदर्शन कर बैठ गए। मृतक गौतम मीणा के परिजनों ने 50 लाख रुपए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी व परिवहन विभाग की इंस्पेक्टर शकीला बानों समेंत अन्य आरटीओ कर्मचारियों को सस्पेंड करने की मांग की।

गौतम मीणा की मौत की खबर सुनते ही जमवारामगढ के कांग्रेसी पूर्व विधायक गोपाल मीणा भी धरना स्थल पर पहुंच गए और उन्होने भी परिजनों को आर्थिक सहायत व परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की।

गौरतल है की 8 मार्च जमवारामगढ निवासी गौतम मीणा 27 ताला निवासी बाइक पर सिमेंट का कट्टा लेकर एक्सप्रेस हाईवे दादी का फाटक होते हुए जा रहा था। इसी दौरान पीछे से परिवहन विभाग की गाड़ी ने उसे जोरदार टक्कर मार दी । इस हादसे में गौतम मीणा गंभीर रुप से घायल हो गया। जयपुर आरटीओ इंस्पेक्टर शकीला बानो अपने गार्ड के साथ गौतम मीणा को तुरंत निजी अस्पताल लेकर पहुंची। जहां से चिकित्सकों ने उसे एसएमएस अस्पताल के लिए रैफर कर दिया। शुक्रवार को उपचार दौरान गौतम मीणा ने दम तोड़ दिया।

गौतम की मौत की खबर फैलते ही उनके परिवार और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। इधर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आवाजें उठने लगी हैं।

घर का इकलौता चिराग बुझा

बताया जा रहा है कि मृतक गौतम मीणा परिवार का इकलौता सहारा था। जिसके कंधो पर उसके छोटे बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता के पालन पोषण की जिम्मेदारी थी। गौतम की मौत की खबर फैलते ही उनके परिवार और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। इधर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आवाजें उठने लगी हैं।

गौतम की मौत की खबर सुनने के बाद पीड़ित परिवार काफी आक्रोश में है। परिजनों का कहना है कि जब तक आर्थिक सहायत और नौकरी पर कोई पुख्ता आश्वासन नहीं मिलता, वे न्याय के लिए लड़ेंगे। हादसे के बाद आरटीओ इंस्पेक्टर शकीला बानो ने दावा किया था कि बाइक सवार अचानक दूसरी लेन से पहली लेन पर आ गया था, जिससे वह कार की चपेट में आ गया।

पुलिस कर रहीं है मामले की जांच

वहीं विश्वकर्मा थाना पुलिस ने हादसे के ठीक बाद कहा था कि मामले की जांच की जा रही है कि गलती किसकी थी। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि आरटीओ वाहन की तेज गति और लापरवाही ही इस मौत की मुख्य वजह है। रविवार को हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने आवेश में आकर हाईवे पर जाम लगा दिया था। जिसके बाद पुलिस ने समझाईश कर मामला शांत कराया था।

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