जयपुर। ईद-उल-फितर के पावन अवसर पर गुलाबी नगरी जयपुर में शनिवार को आस्था, उत्साह और भाईचारे का अद्भुत संगम देखने को मिला। रमजान के मुकम्मल होने के बाद सुबह से ही शहर की मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में लोगों ने अल्लाह की बारगाह में सजदा कर देश-प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में अमन, शांति और खुशहाली की दुआ मांगी।
शहर की प्रमुख जामा मस्जिद जयपुर में सुबह करीब 7:30 बजे ईद की पहली नमाज अदा की गई, जिसकी इमामत मुफ्ती सैयद अमजद अली ने की। नमाज के बाद उन्होंने वैश्विक हालातों पर चिंता जताते हुए दुनिया में बढ़ते तनाव, जंग और अन्याय के खत्म होने तथा इंसानियत की हिफाजत की विशेष दुआ कराई।
इसके बाद करीब 8:30 बजे जयपुर ईदगाह में भी हजारों नमाजियों ने एक साथ नमाज अदा की। यहां खालिद उस्मानी ने अपने संबोधन में युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश देते हुए कहा कि नशा समाज के लिए गंभीर चुनौती है और इसे खत्म करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
इस बार ईदगाह में गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी तस्वीर भी देखने को मिली। नमाज के दौरान और बाद में विभिन्न हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि वहां पहुंचे और नमाजियों पर पुष्प वर्षा कर आपसी भाईचारे और एकता का संदेश दिया। फूलों की खुशबू और गले मिलते लोगों की मुस्कान ने माहौल को भावुक और प्रेरणादायक बना दिया।
हिंदू मुस्लिम सामाजिक एकता समिति के सदस्य जसवंत सिंह ने बताया कि देश में भाईचारे और गंगा जमुनी तहजीब को बरकरार रखने के लिए हर बार ईद पर पुष्प वर्षा की जाती है। हिंदू त्योहारों पर भी समिति के मुस्लिम सदस्य हिंदुओं पर फूल बरसाते हैं।

किशनपोल विधायक अमीन कागजी ने भी जामा मस्जिद पहुंचकर लोगों को ईद की मुबारकबाद दी और कहा कि दुनिया में जहां भी अन्याय और हिंसा हो रही है। उसका अंत होना चाहिए और इंसानियत की जीत होनी चाहिए।
ईद के मौके पर पूरे शहर में खुशियों का माहौल रहा।
नमाज के बाद लोग एक-दूसरे के घर पहुंचे, जहां सेवइयां, मीठी खीर और शीर खुरमा से मेहमाननवाजी की गई। बच्चों को ईदी देकर बड़ों ने स्नेह और परंपरा का संदेश दिया। बाजारों में रौनक और घरों में दावतों का दौर दिनभर चलता रहा।
वहीं जयपुर में सुभाष चौक में शिया समुदाय के लोगों ने ईद की नमाज के बाद बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान इजरायल के प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का खात्मा नहीं होता, तब तक हम कोई भी त्योहार नहीं मनाएंगे। इसके अलावा आमेर में शिया और सुन्नी समाज की महिलाओं ने ईरान पर हुए हमले और ईरान के सुप्रीम लीडर सहित बच्चों की मौत के विरोध में पैदल मार्च निकाला।
महिलाओं ने कहा कि हमारे धर्मगुरु को धोखे से मारा गया और हमारी ईद की खुशियों को मातम में बदल दिया गया। प्रदर्शन में महिलाओं के साथ छोटे-छोटे बच्चे तिरंगा लेकर शामिल हुए। आमेर किले के सामने इकट्ठे होकर जमकर नारेबाजी की।
ईद के मौके पर ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए मुस्लिम समुदाय ने अमेरिका-इजराइल के खिलाफ रैली निकाली। मुर्दाबाद के नारे लगाए। शिया समुदाय के लोगों ने कुछ जगहों पर काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की और उत्सव की परंपराओं से दूरी बनाए रखी।
इसके अलावा जयपुर पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। ईदगाह, चौक जामा मस्जिद, चक शिया जामा मस्जिद समेत सभी प्रमुख मस्जिदों के आसपास पुलिस और आरएएफ के जवानों को तैनात किया गया था। पुलिस टीमों ने ड्रोन से निगरानी की गई और कई जगहों पर फ्लैग मार्च निकाला गया।



















