जयपुर। भारतीय नव संवत्सर एवं आर्य समाज के 151 वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में वैशाली नगर स्थित गांधी पथ के जानकी विवाह स्थल पर 108 कुंडीय यज्ञ महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान पूरे परिसर में वैदिक मंत्रों की गूंज से आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया।
यज्ञ में 432 यजमानों ने भाग लेते हुए पीपल, आम, गोकाष्ट, गिलोय एवं शमी की समिधाओं के साथ 36 प्रकार की औषधीय सामग्री एवं गोघृत से विशेष आहुतियां प्रदान कीं। यज्ञ का संचालन यज्ञ ब्रह्मा आचार्य उषर्बुध के सानिध्य में विधिवत मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर पोकरण विधायक स्वामी प्रताप पुरी महाराज ने कहा कि हमें अपनी ऋषि परंपरा को आगे बढ़ाते हुए संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए एकजुट होना चाहिए। वहीं पूर्व सांसद स्वामी सुमेधानंद सरस्वती ने यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यज्ञ वातावरण के साथ-साथ मन और आत्मा को भी शुद्ध करता है तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
कार्यक्रम संयोजक देवेंद्र शास्त्री ने बताया कि वर्ष 2018 से इस यज्ञ महोत्सव का निरंतर आयोजन किया जा रहा है। वेद पाठ गुरुकुल मलारना चौड़ के ब्रह्मचारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार से आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। इस अवसर पर महेंद्र यादव, वेदपाल शास्त्री, दीपक शास्त्री, सुभाष आर्य, बंशीधर आर्य, ब्रह्म प्रकाश आर्य, हनुमान शर्मा सहित कई विशिष्टजन उपस्थित रहे। आयोजन समिति द्वारा वैदिक संस्कारों की परंपरा निभाने वाले परिवारों एवं संयुक्त परिवार व्यवस्था को अपनाने वाले परिवारों का सम्मान भी किया गया।




















