जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) द्वारा आयोजित वरिष्ठ अध्यापक (द्वितीय श्रेणी) भर्ती परीक्षा-2022 में फर्जीवाड़ा करने वाले एक बड़े मोहरे को स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) ने दबोच लिया है। एसओजी ने 10 हजार रुपये के इनामी अपराधी और डमी परीक्षार्थी सुनील बिश्नोई को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी पिछले दो साल से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि वर्ष 2022 की वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा में मूल अभ्यर्थी सम्पतलाल माली (निवासी चितलवाना, जालोर) ने खुद परीक्षा देने के बजाय अपनी जगह डमी परीक्षार्थी बैठाए थे। सम्पतलाल ने सामान्य ज्ञान, शैक्षिक मनोविज्ञान और विज्ञान विषय की परीक्षाओं के लिए अलग-अलग डमी कैंडिडेट का सहारा लिया था।
पकड़े गए आरोपी सुनील बिश्नोई (निवासी गोदारों की ढाणी, सांचौर) ने 29 जनवरी 2023 को उदयपुर के राजकीय गुरु गोविंद सिंह उच्च माध्यमिक विद्यालय में सम्पतलाल के स्थान पर सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान विषय की परीक्षा दी थी।
फर्जी परीक्षार्थियों के दम पर सम्पतलाल माली का चयन भी हो गया था, लेकिन आरपीएससी में शिकायत होने के कारण उसका नियुक्ति पत्र रोक दिया गया। एसओजी ने मूल अभ्यर्थी सम्पतलाल को इसी साल 13 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया था।
एसओजी की जांच में सामने आया कि सम्पतलाल के लिए विज्ञान विषय की परीक्षा देने वाला डमी परीक्षार्थी कोई और था, जिसकी तलाश अभी भी जारी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रकाश कुमार शर्मा के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई करते हुए इनामी सुनील बिश्नोई को गिरफ्तार किया।
आरोपी के खिलाफ पुलिस थाना एसओजी जयपुर में भादसं की धारा 419, 420, 467, 468, 120बी और राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के अध्युपाय) अधिनियम 2022 के तहत मामला दर्ज है।




















