गौ आधारित स्टार्टअप से बदलेगा भारत का भविष्य, एग्री विजन-2026 में जुटे देशभर के विशेषज्ञ

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Cow-based startups will transform India's future.
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जयपुर। टोंक रोड सांगानेर स्थित श्री पिंजरापोल गौशाला में एग्री विजन 2026: खेती से कमाई का नया युग राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड एग्रीकल्चर स्किल डेवलपमेंट (आईआईएएएसडी) की ओर से हैनिमैन चैरिटेबल मिशन सोसायटी और श्री पिंजरापोल गौशाला के सहयोग से आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में 6 राज्यों के 26 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने गौ आधारित खेती को वैज्ञानिक दृष्टि से टिकाऊ और लाभकारी मॉडल बताया।

अखिल भारतीय गौशाला सहयोग परिषद के अंतरराष्ट्रीय संयोजक डॉ. अतुल गुप्ता ने कहा कि गौशालाओं में उपलब्ध गोबर और गौमूत्र का वैज्ञानिक प्रसंस्करण जैविक खाद, जीवामृत, बायो-इनपुट के रूप में मिट्टी की उर्वरता, सूक्ष्मजीव गतिविधि और जल धारण क्षमता को बढ़ाता है। इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटती है और दीर्घकाल में उत्पादन लागत कम होती है। यदि इस मॉडल को व्यवस्थित रूप से अपनाया जाए तो राजस्थान को पूर्ण जैविक राज्य बनाने की दिशा में ठोस प्रगति संभव है।

डॉ. गुप्ता ने औषधीय फसलों—काली हल्दी, अश्वगंधा, शतावर, सफेद मूसली—की खेती को उच्च मूल्य श्रृंखला का हिस्सा बताते हुए कहा कि इनकी मांग आयुर्वेदिक, फार्मास्यूटिकल एवं निर्यात बाजार में लगातार बढ़ रही है। वैज्ञानिक पद्धति, गुणवत्ता नियंत्रण एवं प्रसंस्करण से किसान कम क्षेत्र में अधिक लाभ अर्जित कर सकते हैं।

हैनिमैन चैरिटेबल मिशन सोसायटी की सचिव मोनिका गुप्ता ने कृषि को उद्यमिता से जोडऩे पर जोर देते हुए कहा कि स्टार्टअप आधारित कृषि मॉडल, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) और फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (एफपीओ) के माध्यम से उत्पादन, प्रसंस्करण व विपणन को एकीकृत कर किसानों की आय में गुणात्मक वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने कहा कि संगठित संरचना के माध्यम से कृषि को प्रोफेशनल इंडस्ट्री के रूप में विकसित करना समय की आवश्यकता है।

कार्यशाला में हरियाणा से रूपा भादरा, प्रशांत बजाज, हनुमानगढ़ से पूजा गोदारा, काशीराम कसवान, जोधपुर से कैलाश परिहार, शंभू सिंह, उत्तर प्रदेश से वीरेंद्र यादव, प्रज्जवल गुप्ता, अंकुर नेहरा, डॉ. देवेंद्र सिंह, गुजरात से सांवलिया मिलन, ऋषभ मलानी, भाविषी निरव, सुंदरलाल, जयपुर से ओमप्रकाश, कजोड़ मल यादव, राजेंद्र चौहान, संदीप घुगरे, अशुतोष सिंघल , अनिल कुमार जैन, कंवर महेंद्र पाल, सवाई माधोपुर से लोकेश मीणा, दिल्ली से नरेश, चूरू से नरेंद्र कुमार, नागौर से हरिनारायण सिंह तथा मध्य प्रदेश के मुरैना से देवेंद्र सिंह शामिल रहे।

आयोजन में जैविक खेती के सफल वैज्ञानिक मॉडल, गौ आधारित उत्पादों से आय, निर्यात संभावनाएं, औषधीय फसलों की व्यावसायिक खेती, स्टार्टअप, एसएचजी, एफपीओ संरचना, एक्सपोर्ट बिजनेस, इंटरनेशनल मार्केटिंग और सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यशाला में पिंजरापोल गौशाला को एक जीवंत प्रयोगशाला के रूप में प्रस्तुत किया गया, जहां प्रतिभागियों ने गौ आधारित प्राकृतिक खेती, अपशिष्ट से संपदा (वेस्ट टू वेल्थ) मॉडल, तथा कृषि-आधारित उद्यम के व्यावहारिक पहलुओं को समझा।

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