जयपुर। सुभाष चौक दरीबा पान स्थित आचार्य पीठ श्री सरस निकुंज में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान सोमवार को नंदोत्सव श्रद्धा, उल्लास और भक्ति भाव के साथ धूमधाम से मनाया गया।
शुक संप्रदाय पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण महाराज के सानिध्य में व्यासपीठ से मदन मोहन दास महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की आनंदमयी कथा का श्रवण कराया।
नंदोत्सव के अवसर पर “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की…” और “प्रकटे है कुंवर कन्हाई, यशोदा मैया दे दो बधाई…” जैसे पारंपरिक बधाई गीतों से पूरा पांडाल भक्तिमय हो उठा। कार्यक्रम के दौरान फलों, टॉफी, चॉकलेट और वस्त्रों की उछाल की गई, जिसे श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक लूटा। भजनों की स्वर लहरियों पर श्रद्धालु झूम उठे और नृत्य करते हुए ठाकुर जी के जन्म की खुशियां मनाईं।
व्यासपीठ से प्रवचन करते हुए मदन मोहन दास महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म धर्म, प्रेम और आनंद के प्राकट्य का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि नंदोत्सव हमें जीवन में भक्ति, सेवा और सच्चे प्रेम के साथ उत्सव मनाने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम के दौरान “जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से वातावरण गूंजता रहा। अंत में श्री सरस परिकर के प्रवक्ता प्रवीण बड़े भैया ने संतों-महंतों एवं श्रद्धालुओं का सम्मान किया। यह आयोजन भक्तों के लिए भक्ति, उत्साह और आध्यात्मिक आनंद का अद्भुत संगम बनकर रहा।




















