आर्ट ऑफ लिविंग के 45 वर्ष पूर्ण होने पर बेंगलुरु पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने किया ध्यान मंदिर का उद्घाटन

0
203

जयपुर/ बेंगलुरु। आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के 45 वर्ष पूर्ण होने और संस्थापक गुरुदेव श्री रविशंकर के 70वें जन्मोत्सव के अवसर पर रविवार को आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में भव्य समारोह आयोजित हुआ। इस अवसर पर प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुदेव गुरुदेव श्री रविशंकर के साथ कार्यक्रम में भाग लिया और नवनिर्मित भव्य ध्यान मंदिर का उद्घाटन किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह ध्यान मंदिर आने वाली पीढ़ियों के लिए शांति और सुकून का केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि जब संकल्प स्पष्ट हो और कार्य सेवा भाव से किया जाए, तब हर प्रयास सफल होता है। प्रधानमंत्री ने आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा पिछले 45 वर्षों में किए गए सामाजिक एवं आध्यात्मिक कार्यों की सराहना भी की।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में मानसिक स्वास्थ्य, योग, ध्यान और आध्यात्मिक चेतना की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग जैसे संगठन लोगों में जुड़ाव, अपनापन और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं।
प्रधानमंत्री ने गुरुदेव श्री रविशंकर के साथ आत्मीय संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा, “मैं आपका ही हूं और जहां हूं, वहां भी आपकी वजह से ही हूं।” इस दौरान पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।

गुरुदेव श्री रविशंकर ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में आए बदलाव और आत्मविश्वास की भावना की सराहना करते हुए कहा कि भारत आज विश्व मंच पर नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत जैसे अभियानों ने देश में नई चेतना पैदा की है और भारत को मांगने वाले देश से देने वाले देश में बदलने का कार्य हुआ है।

समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, युवा नेतृत्व, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य सेवा, जनजातीय कल्याण, जेल सुधार और डिजिटल साक्षरता से जुड़ी नौ राष्ट्रव्यापी सेवा पहलों का शुभारंभ किया। मिशन ग्रीन अर्थ के तहत संस्था ने पिछले एक वर्ष में 19 राज्यों के 121 जिलों में 90 लाख से अधिक पौधे लगाए हैं।

अब 45 लाख मोरिंगा पौधे और 17,500 पंचवटी समूह विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा 11 राज्यों में 12 स्मार्ट विलेज सेंटर शुरू किए जाएंगे। संगठन की ओर से बताया गया कि महिला एवं युवा नेतृत्व कार्यक्रमों के माध्यम से 50 हजार युवाओं और महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

वहीं जेल सुधार कार्यक्रम के अंतर्गत 550 जेलों में एक हजार कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। माहभर चलने वाले उत्सवों में 182 देशों से एक लाख से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। समारोह में केंद्रीय मंत्री सहित कई राज्यपाल, जनप्रतिनिधि, उद्योगपति और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि मौजूद रहे। आर्ट ऑफ लिविंग ने बताया कि संगठन पिछले साढ़े चार दशकों में 182 देशों में एक अरब से अधिक लोगों तक ध्यान, शिक्षा और सेवा गतिविधियों के माध्यम से पहुंच बना चुका है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here