जयपुर। ज्येष्ठ माह की तपती गर्मी में ठाकुरजी को शीतलता प्रदान करने के लिए रविवार को शहर के प्रमुख मंदिरों में जल यात्रा उत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। गोविंददेवजी मंदिर और कनक घाटी स्थित राधा माधव मंदिर में विशेष जल विहार झांकियां सजाई गईं, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़े।
गोविंददेवजी मंदिर में ठाकुरजी को चांदी की कमलाकार होदी में विराजित कर शीतल जल विहार कराया गया। मंदिर में 10 फव्वारों की शीतल बौछारों के बीच विशेष फूलों के श्रृंगार से दिव्य झांकी सजाई गई। ठाकुरजी को सफेद धोती-दुपट्टे की पोशाक धारण करवाई गई।
मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी ने बताया कि ज्येष्ठ माह की भीषण गर्मी में ठाकुरजी को शीतलता प्रदान करने की परंपरा के तहत जल यात्रा उत्सव मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि एकादशी, पूर्णिमा और अमावस्या सहित विभिन्न तिथियों पर श्रद्धालुओं को जलयात्रा झांकी के दर्शन कराए जाएंगे।
वहीं कनक घाटी स्थित राधा माधव जी मंदिर में भी जलयात्रा उत्सव के अंतर्गत ठाकुर श्री राधा माधव जी की मनोहारी झांकी सजाई गई। शाम 6 से 6:30 बजे तक विशेष दर्शन के दौरान मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा।
महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सानिध्य में चल रहे श्री गौरांग महाप्रभु उत्सव के तहत ठाकुर जी का अलौकिक श्रृंगार किया गया। ठाकुरजी को श्वेत धोती-दुपट्टा पोशाक पहनाई गई तथा फूल कलियों से निर्मित विशेष मुकुट और अलंकार धारण कराए गए।
मंदिर परिसर में ठाकुरजी के सम्मुख फव्वारे चलाए गए और सिंहासन को रंग-बिरंगे फूलों व लताओं से सजाया गया। गर्मी से राहत देने के लिए ठाकुरजी को तरबूज, खरबूज सहित पांच प्रकार के ऋतु फलों, पुड़ी और विशेष सिकरन का भोग अर्पित किया गया। जलयात्रा उत्सव के दौरान मंदिरों में भक्ति और शीतलता का अद्भुत संगम देखने को मिला।



















