जयपुर। प्रताप नगर थाना क्षेत्र में एक अपार्टमेंट के पोर्च की छत पर 16 वर्षीय स्कूली छात्रा का शव मिलने के मामले ने रविवार को नया मोड़ ले लिया। मृतका के परिजन हत्या का आरोप लगाते हुए अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठ गए और शव लेने से इनकार कर दिया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस राजनीतिक दबाव में मामले को आत्महत्या साबित करने का प्रयास कर रही है।
धरने पर बैठे परिजनों ने एक युवक पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उसने इंस्टाग्राम के माध्यम से नाबालिग छात्रा से दोस्ती की थी। परिजनों के अनुसार युवक स्वयं को एक विधायक का दोहिता बताता था। उनका आरोप है कि करीब पांच से सात दिन पहले उन्होंने युवक को बेटी से बातचीत करने से मना किया था, जिसके बाद उसने छात्रा को धमकी दी थी।
परिजनों ने पुलिस जांच पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि शुरुआत में पुलिस ने छात्रा के अपार्टमेंट में आने से इनकार किया था। ऐसे में यदि छात्रा अपार्टमेंट में नहीं आई थी तो उसका शव पोर्च की छत पर कैसे मिला। परिजनों ने अपार्टमेंट के सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग करते हुए कहा कि इससे पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सकेगी।
गौरतलब है कि शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे छात्रा का शव उसके घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित एक अपार्टमेंट के प्रथम तल के पोर्च की छत पर मिला था। छात्रा करीब 12 घंटे पहले रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई थी। घटनास्थल की मुख्य छत से छात्रा की चप्पल और चश्मा भी बरामद हुए थे, जिससे मामला शुरू से ही संदिग्ध माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए हत्या तथा आत्महत्या दोनों पहलुओं से जांच जारी है। शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से कराया जा रहा है। पुलिस के अनुसार परिजनों द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं को जांच में शामिल किया गया है। फिलहाल मेडिकल बोर्ड की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



















