जयपुर। सदर थाना पुलिस ने सात साल से फरार चल रहे 10-10 हजार रुपए के दो इनामी आरोपियों रवि आसवानी और उसकी पत्नी कीर्ति आसवानी को प्रतापनगर से गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी थे और वे वर्ष 2019 में दर्ज धोखाधड़ी के मामले में वांछित थे।
पुलिस उपायुक्त प्रशांत किरण ने बताया कि दोनों आरोपियों ने परिवादी से 26 लाख 75 हजार रुपए 75 प्रतिशत मुनाफे का झांसा देकर लिए थे। इसके बदले गणेश नगर स्थित एक प्लॉट का विक्रय अनुबंध और गारंटी दी गई, जबकि उसी प्लॉट के मूल दस्तावेज पहले से बैंक में गिरवी रखकर ऋण लिया जा चुका था। मामले में सदर थाने में धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और षड्यंत्र सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया था। आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश होने के बाद भी वे फरार चल रहे थे।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों आरोपी पहले महाराष्ट्र के शिरडी में रहे और बाद में जयपुर के जगतपुरा-प्रतापनगर क्षेत्र में पहचान छिपाकर किराये के फ्लैट में रहने लगे। वे अपने नाम के मोबाइल सिम बंद कर दूसरे व्यक्तियों के नाम से जारी सिम का इस्तेमाल कर रहे थे। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने दोनों को प्रतापनगर से गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई एसीपी सदर धर्मवीर सिंह के सुपरविजन तथा सदर थाना प्रभारी ब्रजमोहन काविया के नेतृत्व में गठित टीम ने की।



















