जयपुर। नगरीय निकाय चुनाव के दूसरे चरण का चुनावी प्रचार बुधवार शाम 6 बजे थम गया। इसके साथ ही प्रत्याशी और राजनीतिक दल अब सार्वजनिक रूप से प्रचार नहीं कर सकेंगे। जनसभा, जुलूस, लाउडस्पीकर, रोड शो और खुले तौर पर मतदाताओं से वोट मांगने पर रोक रहेगी। अब चुनावी गतिविधियां मतदान प्रबंधन, बूथ संपर्क और मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करने तक सीमित रहेंगी।
दूसरे चरण में 6 नगर निगम, 20 नगर परिषद और 121 नगर पालिकाओं में मतदान होगा। इन निकायों में 11 सितम्बर को सुबह 7 से शाम 6 बजे तक वोट डाले जाएंगे।
राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने बताया कि प्रचार समाप्त होने के बाद सार्वजनिक सभा, जुलूस, रोड शो और लाउडस्पीकर जैसी गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी। चुनाव कार्यक्रम जारी होने के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू है। जिला निर्वाचन अधिकारियों को इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
घर-घर संपर्क की अनुमति
प्रत्याशी मतदाताओं से व्यक्तिगत रूप से घर-घर संपर्क कर सकेंगे, लेकिन इसे सार्वजनिक प्रचार या सभा का रूप नहीं दिया जा सकेगा। सोशल मीडिया पर भी चुनाव प्रचार से संबंधित गतिविधियों में निर्वाचन नियमों और आदर्श आचार संहिता का पालन करना होगा।
मतदान क्षेत्रों में सूखा दिवस
दूसरे चरण के मतदान को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था कड़ी कर दी है। मतदान वाले निकाय क्षेत्रों में सूखा दिवस रहेगा और शराब की बिक्री पर रोक होगी। प्रचार समाप्त होने के बाद बाहरी नेताओं और ऐसे राजनीतिक कार्यकर्ताओं की गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी, जो संबंधित क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं और प्रचार में सक्रिय रहे हैं। इसका उद्देश्य मतदान से पहले मतदाताओं को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर रोक लगाना है।
54 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात होंगे
राज्य निर्वाचन आयुक्त के अनुसार दूसरे चरण में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। करीब 54,533 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती प्रस्तावित है। इनमें आरएसी की 57 कंपनियां तथा त्वरित कार्रवाई दल (क्यूआरटी) जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। संवेदनशील और अति संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी के साथ सुरक्षा बल तैनात रहेगा।



















