एआई से होगी चालान डिफॉल्टरों की पहचान: जयपुर में लॉन्च हुआ स्मार्ट ट्रैफिक प्रवर्तन सिस्टम

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AI to identify traffic fine defaulters.
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जयपुर। सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने की दिशा में जयपुर ट्रैफिक पुलिस और ऑटोटेक कंपनी कार्स 24 ने संयुक्त रूप से एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित व्हीकल अलर्ट एनफोर्समेंट सिस्टम लॉन्च किया है। यह अत्याधुनिक प्रणाली रियल-टाइम इंटेलिजेंस और डेटा आधारित कार्रवाई के माध्यम से चालान डिफॉल्टरों तथा हाई-रिस्क वाहनों की पहचान कर पुलिस को त्वरित कार्रवाई में मदद करेगी।

कार्स 24 की सड़क सुरक्षा पहल क्रैश फ्री इंडिया के तहत शुरू की गई यह परियोजना जयपुर के व्यस्ततम यातायात चौराहों में से एक रामबाग सर्किल पर स्थापित की गई है। सिस्टम में ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन तकनीक का उपयोग किया गया है, जो वाहनों की नंबर प्लेट स्कैन कर उन्हें चालान रिकॉर्ड और प्रवर्तन डेटाबेस से मिलान करती है। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को लंबित चालान और अन्य प्रवर्तन श्रेणियों वाले वाहनों की रियल-टाइम जानकारी प्राप्त होती है।

प्रारंभिक परीक्षण और वैलिडेशन के दौरान इस प्रणाली ने 1,241 वाहनों की पहचान की, जो निर्धारित प्रवर्तन मानकों के दायरे में आए। इनमें एक चोरी का वाहन भी शामिल था। इसके अलावा कई ऐसे वाहन भी मिले जिन पर भारी संख्या में चालान लंबित थे। दो वाहनों पर क्रमशः 57 चालानों के साथ 1.59 लाख रुपए तथा 32 चालानों के साथ 1.19 लाख रुपए की बकाया राशि पाई गई।

सिस्टम को ऐसे वाहनों की पहचान के लिए कॉन्फिगर किया गया है, जिन पर 20 हजार रुपए से अधिक का लंबित चालान हो या 15 से अधिक चालान लंबित हों। इन मानकों के तहत संचालन के पहले ही दिन प्लेटफॉर्म ने 337 वाहनों को चिन्हित किया, जिनमें से 26 वाहनों को जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने रोककर कार्रवाई की। इनमें से चार वाहन चालकों ने मौके पर ही अपने लंबित चालानों का भुगतान भी कर दिया।

इस पहल को यातायात प्रवर्तन में तकनीक के उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह प्रणाली पुलिस को केवल निगरानी तक सीमित रखने के बजाय सक्रिय प्रवर्तन करने में सक्षम बनाएगी तथा बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों की शीघ्र पहचान कर कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

कार्स 24 के संस्थापक एवं ग्रुप सीईओ विक्रम चोपड़ा ने कहा कि सड़क सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है और तकनीक प्रवर्तन को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि क्रैश फ्री इंडिया के माध्यम से कार्स 24 विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर ऐसे समाधान विकसित कर रहा है, जो जवाबदेही बढ़ाने के साथ सुरक्षित ड्राइविंग व्यवहार को प्रोत्साहित करें।

उन्होंने कहा कि जयपुर में इस प्रणाली की तैनाती यह दर्शाती है कि रियल-टाइम इंटेलिजेंस के माध्यम से पुलिस तेजी से कार्रवाई कर सकती है, बार-बार नियम तोड़ने वालों की पहचान कर सकती है और सड़क सुरक्षा को मजबूत बना सकती है।

चोपड़ा ने बताया कि जयपुर में शुरू की गई यह पहल सड़क सुरक्षा को तकनीक, जनजागरूकता और रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से बेहतर बनाने की उसकी व्यापक योजना का हिस्सा है। कंपनी देशभर में ट्रैफिक पुलिस, सरकारी एजेंसियों और नागरिक संगठनों के साथ मिलकर सुरक्षित सड़कों और जिम्मेदार ड्राइविंग को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रही है।

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