डिजिटल प्लेटफॉर्म की सुरक्षा बढ़ाने के लिए पुलिस ने जारी की विस्तृत एडवाइजरी

0
48
Police headquarters issued advisory regarding cyber fraud
Police headquarters issued advisory regarding cyber fraud

जयपुर। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने संस्थागत वेब पोर्टलों की सुरक्षा को लेकर विस्तृत साइबर एडवाइजरी जारी करते हुए शैक्षणिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों तथा सरकारी एवं निजी संगठनों से अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की अपील की है। हाल ही में आरपीएससी भर्ती पोर्टल से जुड़े प्रकरण में हुई अनधिकृत सेंधमारी के बाद यह एडवाइजरी जारी की गई है।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर क्राइम) वीके सिंह ने बताया कि आरपीएससी भर्ती पोर्टल में अनधिकृत प्रवेश कर राज्य स्तरीय भर्ती परीक्षा के परिणाम, अभ्यर्थियों की वरीयता सूची और आवेदन संबंधी रिकॉर्ड में छेड़छाड़ का मामला सामने आया था। इस मामले में अजमेर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना के बाद संस्थागत वेब पोर्टलों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।

एडवाइजरी में चार प्रमुख तकनीकी कमजोरियों की पहचान की गई है। इनमें सर्वर पर अनुमति की जांच के अभाव में यूआरएल या रिक्वेस्ट आईडी बदलकर दूसरे उपयोगकर्ताओं का डेटा देखना, लॉगिन या सर्च बॉक्स के जरिए एसक्यूएल इंजेक्शन कर डेटाबेस से छेड़छाड़, पासवर्ड बदलने या रीसेट करने के दौरान वर्तमान पासवर्ड अथवा सेशन का सत्यापन नहीं होना तथा लॉगिन, ओटीपी और पासवर्ड रीसेट पर प्रयासों की सीमा तय नहीं होना शामिल है।

साइबर अपराधियों के तौर-तरीकों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि वे सबसे पहले यूआरएल और एचटीटीपी रिक्वेस्ट में तकनीकी कमजोरियां तलाशते हैं। इसके बाद बॉट्स और स्क्रिप्ट्स के माध्यम से विभिन्न आईडी का परीक्षण कर सुरक्षा खामियों का फायदा उठाते हुए संवेदनशील डेटा चुराने या रिकॉर्ड में बदलाव करने का प्रयास करते हैं।

एडवाइजरी में संस्थानों को प्रत्येक रिक्वेस्ट पर सर्वर-साइड ऑथराइजेशन लागू करने, क्रमिक आईडी के स्थान परयूयूआईडी / जीयूआईडी का उपयोग करने, प्रिपेयर्ड स्टेटमेंट एवं पैरामीटराइज्ड क्वेरी अपनाने, सभी इनपुट का सर्वर-साइड वैलिडेशन करने, पासवर्ड बदलने से पहले री-वेरिफिकेशन और मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (एमएफए) लागू करने तथा लॉगिन और ओटीपी प्रयासों की सीमा तय कर बार-बार असफल प्रयास होने पर अकाउंट को अस्थायी रूप से लॉक करने की सलाह दी गई है।

साइबर शाखा ने किसी भी प्रकार की साइबर सेंधमारी या ऑनलाइन धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल निकटतम पुलिस थाना या साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here