जयपुर। राजस्थान की समृद्ध लोक-सांस्कृतिक विरासत ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान दर्ज कराई है। फ्रांस की राजधानी पेरिस में भारतीय दूतावास द्वारा प्रतिष्ठित कॉन्सर्ट हॉल साले प्लेयेल में आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत समारोह ‘बानजोर मोदी’ में राजस्थान के प्रसिद्ध लोक कलाकार रहीस भारती और उनके धोद ग्रुप ऑफ राजस्थान ने अपनी शानदार प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया।
भारतीय दूतावास पेरिस द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करने के लिए धोद ग्रुप का चयन किया गया। रहीस भारती और उनकी टीम ने लोक संगीत, लोक नृत्य और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के माध्यम से राजस्थान की रंग-बिरंगी संस्कृति को विश्व मंच पर जीवंत कर दिया।
विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति के दौरान कलाकारों ने राजस्थान के लोकप्रिय लोकगीत ‘केसरिया बालम, आओ नी पधारो म्हारे देस’, भगवान श्रीराम को समर्पित भजन ‘मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जाएंगे’ तथा विश्वविख्यात राजस्थानी लोक नृत्य ‘घूमर’ की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। राजस्थानी संगीत और नृत्य की रंगत से पूरा सभागार सराबोर हो गया।
इस कार्यक्रम में मौजूद भारतीय समुदाय, राजनयिकों, गणमान्य अतिथियों और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों ने प्रस्तुति का भरपूर आनंद लिया। कलाकारों की प्रस्तुति से प्रभावित होकर दर्शकों ने खड़े होकर उनका अभिनंदन किया तथा तालियों की गड़गड़ाहट से उत्साहवर्धन किया।
रहीस भारती और धोद ग्रुप के लिए यह अवसर विशेष महत्व का रहा, क्योंकि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक स्वागत समारोह में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला।
कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से न केवल राजस्थान बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक विविधता और समृद्ध परंपराओं का परिचय विश्व समुदाय को कराया।
पेरिस में सफल प्रस्तुति के बाद रहीस भारती और उनका धोद ग्रुप फ्रांस के प्रतिष्ठित मोंट्रेय फेस्टिवल में प्रस्तुति देंगे। इसके बाद विश्व संगीत दिवस के अवसर पर पेरिस में विशेष कार्यक्रम आयोजित करेंगे। उनका सांस्कृतिक दौरा आगे इटली, जर्मनी, स्पेन और स्विट्जरलैंड तक जारी रहेगा।
उल्लेखनीय है कि रहीस भारती और धोद ग्रुप पिछले दो दशकों से अधिक समय से दुनिया के अनेक प्रतिष्ठित मंचों पर राजस्थान की लोक परंपराओं, संगीत और नृत्य का प्रदर्शन कर भारतीय संस्कृति का गौरव बढ़ा रहे हैं। पेरिस में ‘बानजोर मोदी’ कार्यक्रम में उनकी प्रस्तुति राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाली साबित हुई।



















