जयपुर। नगर निगम जयपुर की ओर से सावन मास में शुरू किया गया ‘शिवार्पणम्’ अभियान धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा उदाहरण बनकर उभर रहा है। अभियान के तहत सोमवार को शहर के पांच प्रमुख शिव मंदिरों से 530 किलोग्राम से अधिक निर्माल्य (बिल्वपत्र, पुष्प एवं अन्य जैविक सामग्री) का संग्रह किया गया। इस निर्माल्य को वैज्ञानिक प्रक्रिया से जैविक खाद में परिवर्तित किया जाएगा।
नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा की पहल पर शुरू किए गए इस पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत ताड़केश्वर महादेव, झारखंड महादेव, जंगलेश्वर महादेव, चमत्कारेश्वर महादेव और श्री रोजगारेश्वर महादेव मंदिरों से प्रतिदिन ईवी-हॉपर के माध्यम से निर्माल्य एकत्र किया जा रहा है।
आयुक्त ओम कसेरा ने बताया कि अभियान का उद्देश्य भगवान शिव को अर्पित हर पत्ते और पुष्प को धरती के लिए प्रसाद बनाना है। इससे धार्मिक आस्था का सम्मान होने के साथ मंदिर परिसर स्वच्छ रहेंगे, डंपिंग यार्ड में जैविक कचरा कम होगा तथा सर्कुलर इकोनॉमी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
उपायुक्त डॉ. नीलम मीणा ने बताया कि सोमवार को ताड़केश्वर महादेव मंदिर से 100 किलो, झारखंड महादेव से 200 किलो, जंगलेश्वर महादेव से 80 किलो, चमत्कारेश्वर महादेव से 80 किलो और श्री रोजगारेश्वर महादेव मंदिर से 70 किलो निर्माल्य एकत्र किया गया।
संग्रहित सामग्री को पहले निकटवर्ती उद्यानों में सुखाया जाएगा, इसके बाद श्रेडर मशीन और कम्पोस्ट पिट की वैज्ञानिक प्रक्रिया से जैविक खाद तैयार की जाएगी। तैयार खाद को ‘शिवार्पणम्’ पैकेट के रूप में श्रद्धालुओं और नागरिकों को वितरित किया जाएगा।
नगर निगम ने विभिन्न मंदिरों के लिए शहर के कई उद्यानों को निर्माल्य संग्रह एवं प्रसंस्करण केंद्र के रूप में चिन्हित किया है, जहां इस पूरे कार्य को वैज्ञानिक तरीके से संचालित किया जाएगा।



















