प्री-मानसून की मेहरबानी: निगम की तैयारी बेनकाब, जयपुर में 45 मिनट की बारिश से सड़कें बनीं दरिया

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जयपुर। राजस्थान में प्री-मानसून गतिविधियों ने जोर पकड़ लिया है। गुरुवार शाम राजधानी जयपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी और झमाझम बारिश का दौर चला। जयपुर में करीब 45 मिनट तक हुई तेज बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत तो दी। लेकिन नगर निगम की जल निकासी व्यवस्थाओं की पोल भी खोलकर रख दी। शहर के कई इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं।

गुरूवार दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली और आसमान पर काले घने बादल छा गए। तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश से सहकार मार्ग, टोंक रोड, जेएलएन मार्ग, 22 गोदाम, सिविल लाइंस, मोती डूंगरी, जवाहर नगर, वैशाली नगर, झोटवाड़ा तथा परकोटे के अधिकांश हिस्सों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई और लोगों को लंबे समय बाद गर्मी से राहत महसूस हुई।

हालांकि बारिश के साथ ही शहर की जल निकासी व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर भी सामने आ गई। प्रशासनिक दावों के विपरीत चारदीवारी क्षेत्र में एक बार फिर जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई। चांदी की टकसाल क्षेत्र में काले हनुमानजी मंदिर से लेकर सुभाष चौक तक सड़क पर पानी नदी की तरह बहता नजर आया। पुरानी बस्ती, रामगंज बाजार और आसपास के निचले इलाकों में सड़कें तालाब जैसी दिखाई दीं। कई दुकानों और गलियों तक पानी पहुंच गया, जिससे व्यापारियों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

जलभराव के कारण कई दोपहिया और चारपहिया वाहन बीच रास्ते में फंस गए तथा यातायात प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों ने नगर निगम की नाला-सफाई और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर वर्ष बारिश के दौरान यही हालात बनते हैं और पहली ही तेज बारिश में व्यवस्थाओं की पोल खुल जाती है।

बारिश और तेज हवा के दौरान किशनपोल बाजार क्षेत्र में एक पुराना पेड़ गिर गया, जिसकी चपेट में आने से तीन वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। वहीं सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के बाहर भी एक पेड़ गिरने से जवाहरलाल नेहरू मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। बाद में प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से रास्ते साफ कराए गए।

मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर और डीग जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जहां 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं, मेघगर्जन, बिजली चमकने, धूलभरी आंधी और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना है। वहीं कोटा, बूंदी, टोंक, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, झुंझुनूं, अजमेर, नागौर और भीलवाड़ा सहित कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां आगामी दिनों में और तेज होंगी तथा जून के अंतिम दिनों या जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून राजस्थान में प्रवेश कर सकता है। इसके बाद राज्य के अधिकांश हिस्सों में व्यापक बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

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