जयपुर। रामनगरिया क्षेत्र में मुख्यमंत्री के काफिले के गुजरने से पूर्व यातायात व्यवस्था के दौरान हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में युवती रेशु गुप्ता ठेले पर रखे गर्म पानी से झुलस गईं। घटना के बाद प्रशासनिक तंत्र तुरंत सक्रिय हुआ और मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई एवं राहत की प्रक्रिया शुरू की गई।
जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित पुलिसकर्मी को लाइन हाज़िर कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच शुरू कर दी गई है ताकि घटना की परिस्थितियों और जिम्मेदारी का स्पष्ट निर्धारण किया जा सके।
वहीं दूसरी ओर नगर निगम जयपुर ग्रेटर ने संवेदनशीलता दिखाते हुए पीड़िता के परिवार को राहत देने की पहल की। निगम आयुक्त ओम कसेरा एवं उपायुक्त नीलम मीना स्वयं पीड़िता के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
सरकारी स्तर पर यह भी स्पष्ट किया गया कि रेशु गुप्ता के उपचार का संपूर्ण खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। इसके साथ ही परिवार की आजीविका को पुनः सुदृढ़ करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। प्रभावित परिवार को स्थायी रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से डेयरी बूथ आवंटन की प्रक्रिया भी प्रारंभ करने की बात कही गई है।
इस घटना के बाद प्रशासन की त्वरित कार्रवाई, राहत पहुंचाने की पहल और पुनर्वास की योजना को सरकार की संवेदनशीलता के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, उद्देश्य केवल घटना की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि पीड़ित परिवार को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से पुनः स्थापित करना भी प्राथमिकता है।
यह पूरी कार्रवाई संदेश देती है कि राज्य सरकार किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों के साथ खड़ी है और जवाबदेही तय करने के साथ-साथ मानवीय सहायता एवं पुनर्वास को भी समान महत्व देती है।


















