जयपुर। मुरलीपुरा के विकास नगर स्थित शिव हनुमान मंदिर में चल रही श्रीराम कथा के दौरान मंगलवार को भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। कथा व्यास मनोज कृष्ण महाराज ने भगवान श्रीराम के अवतरण प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि जब-जब धर्म की हानि और अधर्म का विस्तार होता है, तब भगवान लोक कल्याण के लिए अवतार धारण करते हैं। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा, सेवा, करुणा और आदर्शों का अनुपम संदेश देता है।
जैसे ही कथा में भगवान श्रीराम के जन्म का प्रसंग आया, पूरा कथा पांडाल ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गूंज उठा। ‘भए प्रगट कृपाला दीनदयाला कौशल्या हितकारी’ चौपाई के साथ श्रद्धालुओं ने खड़े होकर प्रभु के प्राकट्य का स्वागत किया। ‘चारों ललवा प्रगट भए आज, कौशल्या मैया दे दो बधाई…’ जैसे पारंपरिक बधाई गीतों और मंगलगान के बीच जन्मोत्सव उत्साह पूर्वक मनाया गया। महिलाओं ने बधाई गीत प्रस्तुत किए, जबकि श्रद्धालु भक्ति भाव से झूमते नजर आए।
कथा व्यास मनोज कृष्ण महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम का चरित्र प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके जीवन से सत्यनिष्ठा, कर्तव्यपरायणता, माता-पिता एवं गुरु के प्रति सम्मान, समाज के प्रति उत्तरदायित्व और धर्म के मार्ग पर चलने की सीख मिलती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाकर परिवार और समाज में प्रेम, संस्कार और सद्भाव को मजबूत करने का आह्वान किया।
कथा के समापन पर बाबूलाल अग्रवाल, ललित भट्ट, गोविंद शर्मा, लक्ष्मीनारायण शर्मा सहित अन्य श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम की आरती उतारी। इस अवसर पर कथा पांडाल को फूलों और गुब्बारों से आकर्षक ढंग से सजाया गया। श्रद्धालुओं के बीच टॉफी, फल और खिलौनों का वितरण एवं उछाल कर जन्मोत्सव की खुशियां साझा की गईं।



















