जयपुर। आषाढ़ मास की भौमवती अमावस्या पर मंगलवार को छोटी काशी धार्मिक आस्था में सराबोर रही। श्रद्धालुओं ने विभिन्न मंदिरों में दर्शन कर दान-पुण्य किया तथा पितृ तर्पण, भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से पितृ दोष मुक्ति, धन-समृद्धि और मानसिक शांति की कामना की।
आराध्य देव गोविंद देव जी मंदिर में ठाकुरजी का हल्के काले रंग की पोशाक में विशेष श्रृंगार किया गया। शहर के शिवालयों में दिनभर जप, हवन, रुद्राभिषेक और पूजा-अर्चना का क्रम चलता रहा। वहीं हनुमान मंदिरों में श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा कर मंगल दोष निवारण और ऋण मुक्ति की प्रार्थना की।
श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र, तिल, गुड़, मसूर की दाल, तांबे सहित विभिन्न उपयोगी वस्तुओं का दान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। शहर के प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।
धर्माचार्यों के अनुसार शास्त्रों में भौमवती अमावस्या को पितृ तर्पण, दान-पुण्य और भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक किए गए धार्मिक कार्यों से पितरों की कृपा प्राप्त होती है तथा परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। पूरे दिन शहर में धार्मिक उल्लास और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।



















