जयपुर। प्रयोगशाला सहायक (लैब असिस्टेंट) सीधी भर्ती परीक्षा-2018 में ओएमआर शीट में हेरफेर कर फर्जी तरीके से चयन पाने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने एक और वांछित अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है। एसओजी की जांच में सामने आया कि आरोपित के वास्तविक अंक माइनस 4 (-04) थे, लेकिन ओएमआर स्कैनिंग के दौरान मिलीभगत कर उसे 191 अंक दर्शा दिए गए। एसओजी गिरफ्तार आरोपित से पूछताछ कर रही है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि प्रयोगशाला सहायक (लैब असिस्टेंट) सीधी भर्ती परीक्षा-2018 में ओएमआर शीट में हेरफेर कर फर्जी तरीके से चयन पाने के मामले में एसओजी ने पंकज कुमार सैनी (30) निवासी बांदीकुई जिला दौसा को गिरफ्तार किया।
एसओजी की जांच में सामने आया कि आरोपी अभ्यर्थी पंकज कुमार सैनी के ओएमआर स्कैनिंग के दौरान फर्जी तरीके से 191 अंक दर्ज कर दिए गए थे। बाद में कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा संबंधित ओएमआर शीट की पुन: स्कैनिंग कराई गई तो उसके वास्तविक अंक माइनस 4 (-04) पाए गए। अब पंकज कुमार सैनी की गिरफ्तारी के बाद एसओजी को इस भर्ती फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य आरोपियों और पूरे नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
एसओजी की जांच में सामने आया है कि ओएमआर स्कैनिंग एजेंसी राभव लिमिटेड के कार्मिक विनोद कुमार गौड और शादान खान ने मिलीभगत कर 27 अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट में हेरफेर की थी। इस फर्जीवाड़े के जरिए इन अभ्यर्थियों को अनुचित तरीके से अंतिम (प्रोविजनल) चयन दिलाया गया।
इस मामले में एसओजी पहले ही राभव लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक रामप्रवेश सिंह, कार्मिक विनोद कुमार गौड और शादान खान सहित फर्जी तरीके से चयन पाने वाले अभ्यर्थी महेन्द्र कुमार मीना, देवेन्द्र सिंह गुर्जर, विजय सिंह मीना, पिन्टू कुमार मीना और संजय कुमार सैनी को गिरफ्तार कर चुकी है।
गौरतलब है कि एसओजी थाना में दर्ज प्रकरण की जांच के दौरान सामने आया कि ओएमआर स्कैनिंग करने वाली एजेंसी राभव लिमिटेड के कार्मिकों और निदेशक ने अभ्यर्थियों से मिलीभगत कर अंकों में बड़े स्तर पर हेरफेर किया था। इस खुलासे के बाद एसओजी ने कार्रवाई तेज कर दी।



















