गोपुष्टी महायज्ञ में उमड़ा आस्था का सैलाब: भक्तमाल कथा में ध्रुव चरित्र का हुआ वर्णन

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जयपुर। सांगानेर के तिवड़िया बालाजी धाम स्थित हनुमान मंदिर मैदान में श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर बालयोगी बाल कृष्णदास महाराज के सानिध्य में आयोजित गोपुष्टी महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत भक्तमाल कथा का आयोजन छठे दिन भी श्रद्धा और भक्ति के माहौल में जारी रहा। कथा एवं यज्ञ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया।

कथा के दौरान जोई राम सोई राम महाराज ने सत्संग और यज्ञ की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि एक घड़ी सत्संग में बैठने मात्र से मनुष्य अनेक प्रकार के पापों से मुक्त हो सकता है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में कथा एवं महायज्ञ में शामिल होकर धर्मकार्य में सहयोग करने का आह्वान किया।

कथा प्रवक्ता आचार्य बालयोगी नोमिनाथ दास महाराज ने भक्तमाल कथा में बाल भक्त ध्रुव के जीवन प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि मात्र पांच वर्ष की आयु में ध्रुव ने कठोर तपस्या कर भगवान के दर्शन प्राप्त किए और अमर कीर्ति स्थापित की। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति ईमानदारी, श्रद्धा और भक्ति के मार्ग पर चले तो आज भी भगवान की प्राप्ति उतनी ही सहज है, जितनी ध्रुव के समय थी।

उन्होंने बताया कि बुधवार को कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इसके लिए श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर धार्मिक आयोजन में भाग लेने की अपील की गई।

वहीं शाम को वृंदावन से आए कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण की मनोहारी रासलीला का मंचन किया। रासलीला का आनंद लेने के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।

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