जयपुर। नीट पेपर लीक मामले तथा दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों, युवाओं और महिलाओं पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में बुधवार को पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट सर्किल पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लेते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “पेपर लीक नहीं सहेंगे”, “युवाओं पर अत्याचार बंद करो”, “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो”, “छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करो” जैसे नारे लगाए। इस मौके पर प्रताप सिंह खाचरियावास ने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक से लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है और जब छात्र न्याय की मांग को लेकर सड़क पर उतरे तो उन पर लाठीचार्ज किया गया।
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों, युवाओं और महिलाओं पर पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भी शांतिपूर्ण विरोध से रोकने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन कर रही है।
खाचरियावास ने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल इस्तीफा दें, नीट पेपर लीक के दोषियों को कड़ी सजा दी जाए तथा दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों और युवाओं की इस लड़ाई में पीछे नहीं हटेगी और न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
पुतला दहन के बाद खाचरियावास के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचे, जहां से प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में भाजपा प्रदेश कार्यालय के घेराव के लिए रवाना हुए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।



















