जयपुर। भारतीय गजल गायकी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाते हुए प्रसिद्ध गायक रंजीत राजवाड़ा ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वे प्रतिष्ठित लॉयड्स ऑफ लंदन की ऐतिहासिक ओल्ड लाइब्रेरी में प्रस्तुति देने वाले पहले भारतीय गायक बने हैं। दक्षिण एशियाई विरासत माह के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने भारतीय संगीत और गजलों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
लॉयड्स ऑफ लंदन जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के ऐतिहासिक मंच पर किसी भारतीय गायक द्वारा गजलों की प्रस्तुति को भारतीय संगीत और सांस्कृतिक विरासत के लिए खास उपलब्धि माना जा रहा है। इससे भारतीय गजल गायकी को वैश्विक मंच पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
रंजीत राजवाड़ा का यूके दौरा 14 दिनों का रहा। इस दौरान उन्होंने लंदन, चेल्म्सफोर्ड, ब्रिस्टल और बर्मिंघम सहित चार शहरों में सात संगीत कार्यक्रमों में प्रस्तुति दी। इन कार्यक्रमों में 1500 से अधिक संगीत प्रेमियों ने उनकी गजलों का आनंद लिया। दौरे के दौरान उनकी टीम ने करीब 2000 मील की यात्रा की।
‘प्रिंस ऑफ गजल्स’ के नाम से पहचाने जाने वाले रंजीत राजवाड़ा का उद्देश्य भारतीय संगीत और संस्कृति को गजलों के माध्यम से दुनिया के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाना है। उनका मानना है कि संगीत भाषा और भौगोलिक सीमाओं से परे लोगों को आपस में जोड़ने की क्षमता रखता है।
राजवाड़ा ने अपनी इस उपलब्धि को भारत और भारतीय संगीत प्रेमियों को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि यूके दौरा उनके लिए केवल संगीत कार्यक्रमों की श्रृंखला नहीं, बल्कि भारतीय गजलों को वैश्विक मंच तक पहुंचाने की यात्रा रहा। उन्होंने दौरे की सफलता के लिए आयोजकों, सहयोगियों, स्वयंसेवकों और दर्शकों का आभार जताया।
इस अंतरराष्ट्रीय दौरे के प्रमोटर एवं प्रबंधक सिफत इवेंट्स के हंसदीप सिंह रहे। उन्होंने यूके के विभिन्न शहरों में आयोजित कार्यक्रमों के समन्वय और आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
चार शहर, सात कार्यक्रम और एक ऐतिहासिक प्रस्तुति के साथ रंजीत राजवाड़ा का यूके दौरा 2026 भारतीय गजल गायकी के लिए यादगार अध्याय बन गया।



















