14 साल से शिक्षा की लौ जला रहे डॉ. ब्रजेश, 2650 विद्यार्थियों को नि:शुल्क पढ़ाया

0
33
Dr. Brajesh has been keeping the flame of education alive for 14 years.
Dr. Brajesh has been keeping the flame of education alive for 14 years.

जयपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर नावां के एमजीजीएस नंबर 12 में कार्यरत शिक्षक डॉ. ब्रजेश कंडेरा राजपूत की शिक्षा के क्षेत्र में सेवा और नवाचार चर्चा में हैं। पिछले 14 वर्षों से शिक्षण कार्य से जुड़े डॉ. ब्रजेश शिक्षा को नौकरी के बजाय सेवा का माध्यम मानते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए काम कर रहे हैं। वे रोज करीब चार घंटे नि:शुल्क अतिरिक्त कक्षाएं संचालित करते हैं। अब तक करीब 2650 विद्यार्थी इन कक्षाओं का लाभ उठा चुके हैं।

इन कक्षाओं में गणित, विज्ञान, अंग्रेजी और स्पोकन इंग्लिश की पढ़ाई ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से कराई जाती है। इसके अलावा विद्यार्थियों की रचनात्मकता और तार्किक क्षमता विकसित करने के लिए क्राफ्टिंग, पेंटिंग, क्यूब सॉल्विंग और वैदिक मैथ्स जैसी गतिविधियां कराई जाती हैं। ‘मिशन सिक्सटी’, हस्तनिर्मित नोट्स और नवीन शिक्षण तकनीकों के जरिए कठिन विषयों को सरल और रोचक बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

डॉ. ब्रजेश का मानना है कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। विद्यार्थियों को विषयों को वास्तविक जीवन से जोड़कर समझाने के साथ सवाल पूछने और स्वतंत्र रूप से विचार रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। विभिन्न व्यवसायों और कार्यक्षेत्रों से विद्यार्थियों का परिचय करवाकर उन्हें संबंधित कार्य की प्रकृति, चुनौतियों और संभावनाओं को समझने का अवसर भी दिया जाता है।

सामाजिक सरोकारों को भी शिक्षा का हिस्सा बनाया गया है। बाल विवाह, लड़कियों की मासिक धर्म स्वच्छता, तंबाकू के दुष्प्रभाव और वंचित बच्चों के उत्थान जैसे विषयों पर जागरूकता गतिविधियां कराई जाती हैं। प्रार्थना सभा में प्रेरक प्रसंग, कविताएं और देशभक्ति गीतों के माध्यम से विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच और राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित करने पर जोर दिया जाता है।

डॉ. ब्रजेश ने सात विषयों में स्नातकोत्तर किया है। वे दो पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं और तीसरी पुस्तक प्रकाशन की ओर है। शिक्षा विभाग की ओर से प्रकाशित पुस्तक में उनका लेख भी शामिल हो चुका है। वे मास्टर ट्रेनर के रूप में कार्य कर चुके हैं और राज्यस्तरीय प्रशिक्षण भी प्राप्त कर चुके हैं।

विद्यार्थियों में अंग्रेजी भाषा के प्रति आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए उनके मार्गदर्शन में विभिन्न कार्यक्रमों में अंग्रेजी नाटक भी प्रस्तुत किए गए हैं। इसी वर्ष राज्यमंत्री विजय सिंह चौधरी, एसडीएम और आईएएस अधिकारियों की मौजूदगी में विद्यार्थियों ने अंग्रेजी नाटक प्रस्तुत किया।

डॉ. ब्रजेश ने मैजिक के क्षेत्र में राष्ट्रीय और विश्वस्तरीय प्रमाणपत्र प्राप्त किए हैं। शिक्षा को रोचक बनाने के लिए वे जादू और रचनात्मक तकनीकों का प्रयोग करते हैं। उनकी उपलब्धियों में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के लिए नामांकन भी शामिल है।

वे कविता और गजल लेखन में भी सक्रिय हैं। हाल ही में उनकी कविता ‘मैं पुरुष आयोग बनाऊंगा’ के लिए पूर्व विधायक रूपाराम मुरावतिया ने उन्हें सम्मानित किया। हिप्नोसिस के क्षेत्र में मास्टर ट्रेनर के रूप में भी वे जागरूकता सत्र आयोजित करते हैं और जरूरत पड़ने पर प्रशिक्षित मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से सहायता लेने के महत्व पर जोर देते हैं।

डॉ. ब्रजेश का कहना है कि शिक्षक का काम केवल पाठ्यक्रम पूरा कराना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन के लिए तैयार करना है। ज्ञान के साथ आत्मविश्वास, रचनात्मकता, तार्किक सोच, अभिव्यक्ति की क्षमता और सामाजिक संवेदनशीलता विकसित करना ही शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here